मोबाइल फोन का इतिहास । Mobile History In Hindi

आप सभी का हार्दिक स्वागत है ,मेरे इस वेबसाइट पर जिसका नाम gyantech है। आज  के इस दौर में मोबाइल फ़ोन जीवन का एक जरुरीभाग बन गया है।आज हम अपने इस पोस्ट मे Invention of 1st mobile phone/ Mobile History In Hindi के बारे मे बात करते है। 


आज के समय में बहुत सारे हमारे कार्य मोबाइल फ़ोन  माध्यम से होते है।आज आपके पॉकेट में रखा मोबाइल किसी चमत्कार से कम नही है। केवल कॉल करने में कार्य आने वाला मोबाइल आज के समय में कंप्यूटर की तरह एडवांस हो गया है।सभी लोग आज के समय मे मोबाइल का इस्तेमाल करते है ,पर क्या वो इसके इतिहास के बारे मे  जानते है ? शायद नहीं !




मोबाइल का आविष्कार मार्टीन कूपर ने किया था।दुनिया का पहला मोबाइल वर्ष 1973 में मोटोरोला कम्पनी ने बनाया था। इसका  नाम मोटोरोला Dyna TAC 8000x था।यह Mobile वजन में 1.1 किलोग्राम भारी था। इस मोबाइल की बैटरी को चार्ज करने में 10 घण्टे का समय लगता था। मोबाइल को एक बार चार्ज करके करीब 30 मिनट तक बात की जा सकती थी। उस वक्त मार्केट  में इस मोबाइल की कीमत 3 लाख रुपये के करीब थी। टेलीफोन के आविष्कार के बाद यह दूर संचार में क्रांति थी। इस Mobile को 0 जनरेशन कहा गया।

 

मार्टीन कूपर का जन्म 26 दिसम्बर,1928 को अमेरिका में हुआ था।दुनिया का पहला कॉल  मार्टीन कूपर  ने अमेरिका के न्यूयोर्क शहर से किया था।इसके लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल “Dyna TAC 8000x “का Prototype था।शुरुआत में मोबाइल फ़ोन केवल कॉलिंग फीचर के साथ आता था यानी कि कॉल करना और कॉल रिसीव करने के लिए मार्टिन कूपर ने मैनहट्टन में स्थित अपने ऑफिस से न्यू जर्सी में स्थित बेल लैब्स के मुख्यालय में पहला कॉल किया था।बाद में वह इस कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भी बने।मार्टिन कूपर को दुनिया के पहले मोबाइल फोन के निर्माण के कारण वर्ष 2013 में संचार के क्षेत्र में किये गये विलक्षण कार्य के लिये दिये जाने वाले मार्कोनी पुरस्कार (Marconi Award) से सम्मानित किया गया था।  



  • 👉वर्ष 1979 में जापान में पहला मोबाईल नेटवर्क बिछाया गया था। यह फर्स्ट जनरेशन का नेटवर्क था जिससे लोग आपस में बात कर सकते थे। 
  • 👉2nd जेनरेशन मोबाईल नेटवर्क सेवा फ़िनलैंड में वर्ष 1991 में रेडिओलिंजा नामक कम्पनी ने शुरू की थी।इस सेवा की शुरुआत से मोबाइल में SMSऔर इंटरनेट सेवा आ गयी।
  • 2nd जेनरेशन मोबाईल नेटवर्क के बाद में 3G  आया जो उस समय का सबसे एडवांस मोबाइल नेटवर्क था।इसकी सहायता से डेटा ट्रांसफर करना फ़ास्ट हुआ।वीडियो कॉलिंग फीचर भी इसी जनरेशन में आया था 


मोबाइल फोन से जुड़े कुछ रोचक जानकारी 

 

1. आज के समय में स्लिम फोन आ गये हैं लेकिन जब पहली मोबाइल फ़ोन से पहली कॉल की गई थी उस फ़ोन का वजन 1.1 किलोग्राम था।यह मोबाइल फ़ोन  13 सेमी मोटा और 4.45 सेमी चौड़ा था,जिसे जूता से तुलना की जाती थी।  

2. इस समय के मोबाइल फ़ोन को चार्ज होने में 15 से 20 मिनट का समय लगता है और इसकी बैक अप क्षमता लगभग 1 दिन की होती है। लेकिन दुनिया के पहले मोबाइल को पूरी तरह से चार्ज करने में 10 घंटे का समय लगता था,इसके बावजूद यह सिर्फ 30 मिनट तक ही इस्तेमाल किया जा सकता था। 


3. सबसे पहले मोबाइल फोन की बैट्री का वजन आज की तुलना में चार से पांच गुना ज्यादा था। 

4. 1983 में मोटोरोला ने जिस पहले मोबाइल हैंडसेट को बाजार में उतारा था, उसकी कीमत लगभग दो लाख रुपए थी. इस मोबाइल हैंडसेट का नाम Dyna TAC 8000x था। 

5. 1979 में First-Generation (1G) टेक्नोलॉजी की शुरुआत जापान में हुई थी, जिसकी मदद से एक बार में कई लोग आपस में कॉल कर सकते थे। 

6. 1991 में 2G टेक्नोलॉजी की शुरुआत Finland में हुआ था। 

7. 2G टेक्नोलॉजी की शुरुआत के पूरे 10 साल बाद 2001 में 3G टेक्नोलॉजी आया था, जिसे जापान की कंपनी NTT DoCoMo ने शुरू किया था। 

8 . एक समय Nokia इस मोबाइल फ़ोन की सबसे बड़ी कम्पनी थी। NOKIA का 1100 मॉडल इस दुनिया का सबसे ज़्यदा बिकने वाला फ़ोन है। 

9 . आज के time पर सैमसंग दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनी है। इसके स्मार्टफोन दुनिया में बहुत प्रसिद्ध है। 

10 .  पहला कैमरा फ़ोन जापान के शार्प कम्पनी ने साल 2000 में बनाया था। 

11 . पहला टच फ़ोन IBM का सिमोन था जो की साल 1992 में बना था। जिसमे ईमेल की सुविधा थी। 

12 . iPhone ‘iOS’ पर काम करता है जो की साल 2007 में आया था। 

13 . साल 2008 में  पहला एंड्राइड फ़ोन आया था। 

SIMCARD KA FULL FORM


मोबाइल में कालिंग या इंटरनेट के लिए सिम कार्ड  (Subscriber Identification Module) होना जरूरी होता है।इसके बिना मोबाइल का महत्व नही है।दुनिया का पहला मोबाईल सिम कार्ड वर्ष 1991 में जर्मन कम्पनी जीसेक एंड डेवीएंट ने बनाया था।


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