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RTO Full Form In Hindi | RTO क्या है?

आज के पोस्ट का विषय है। RTO Full Form In Hindi | RTO क्या है?  अक्सर आप सभी  RTO के विषय में सुनत्ते होंगे। आज इस पोस्ट के माध्यम से इस पर जानकारी प्रदान करूंगा। RTO सरकार का ऐसा विभाग है जहाँ पर गाड़ियों से सम्बंदित कार्य होते है। 




RTO Full Form

Regional Transport Office 

RTO का फूल फॉर्म हैं  


क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय 



What is RTO in Hindi

Regional Transport Office एक ऐसा सरकार का विभाग जो ड्राइवर के डिटेल के साथ ही गाड़ियों के डिटेल के संरक्षण के लिए होता है। Regional Transport Office या मोटर वाहन विभाग की स्थापना मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 213 (1) के तहत की गई है।यह सम्पूर्ण देश में लागू होने वाला  एक केंद्रीय अधिनियम है। मोटर वाहन विभाग ही इस अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को लागू करने के लिए जिम्मेदार होता है।मोटर वाहन विभाग का नेतृत्व परिवहन आयुक्त द्वारा ही किया जाता है।भारत के सभी राज्य और शहर का अपना आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) होता है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत , 1988 में रखे गए कार्यों और गतिविधियों को पूरा करने के लिए प्रत्येक R.T.O जिम्मेदार है।सभी गाड़ी पर उसके गाड़ी नंबर के साथ – साथ एक स्पेशल नंबर लगा होता है जो एक कोड होता है  जैसे कि BR01, BR03, BR02 इन नंबर जो न्यूमेरिक रूप में है उनसे पता चलता है कि गाड़ी उस राज्य के किस जिले की है। इस तरह के स्पेशल यूनिक नंबर RTO विभाग के द्वारा ही जारी किया जाता है।


Functions of the Regional Transport Office


सरकार द्वारा निर्धारित मोटर वाहन, केंद्रीय मोटर वाहन नियमों और राज्य मोटर वाहन नियमों जो की समय-समय पर सरकार द्वारा निर्धारित अनेक कार्यों और उनके प्रावधानों को लागू करना होता है। 

गाड़ियों के परमिट के प्रबंधन के माध्यम से सड़क परिवहन के समन्वय विकास सुनिश्चित करना ही Regional Transport Office के कार्य होते है।वाहन अधिनियम के नियमो के अनुसार कर लेना ही Regional Transport Office के कार्य होते है। 


RTO Activities 

  • नए वाहनों का पंजीकरण।
  • मोटर वाहन कर को जमा करना।
  • पब्‍लीक और माल ट्रांसपोर्ट के लिए लाइसेंस को जारी करना। 
  • ड्राइविंग टेस्‍ट का संचालन करना और लर्निंग और स्थायी ड्राइवर लाइसेंस को जारी करना। इसके साथ ही जो लाइसेंस की वैलिडिटी समाप्त हो रही उसे नवीनीकृत करना।
  • रेसजिस्टड वाहनों का डेटाबेस को बनाए रखना।
  • वाहन का हस्तांतरण और गिरवी वाहनों के रजिष्‍ट्रेशन को मेंटेन करना।
  • मोटर वाहनों पर बीमा की राशि की वैधता पर उचित जांच बनाए रखना।
  • वाहनों को संचालन के लिए उनके फिटनेस का अनुदान का प्रमाण पत्र जारी करना।
  • ऑटो रिक्शा और टैक्सी जैसे सार्वजनिक सेवाओं के वाहनों के ड्राइवरों को बैच जारी करना। 




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