दालचीनी के लाभ । Dalchini Ke Fayde

    आज के पोस्ट का विषय है दालचीनी जिसका इस्तेमाल भारतीय रसोई में जरूर होता है। क्या आप जानते है Cinnamon जिसको हिंदी में दालचीनी कहते है। Dalchini Ke Fayde को आयुर्वेद भी मानता है।Dalchini Ke Fayde को विज्ञान भी मानता हैं। भारतीय रसोई में दालचीनी का उपयोग आज से नहीं हो रहा है।बहुत लंबे समय से भारतीय रसोई में दालचीनी का उपयोग किया जा रहा है।दालचीनी के फायदे के बारे में जानने वाले लोग इसकी तारीफ करते थकते नहीं है।विज्ञान के अनुसार यह दालचीनी, लौंग के बाद दूसरा ऐसा मसाला है जिसमें सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होता हैं। दालचीनी पाउडर का उपयोग भी चाय से लेकर बहुत सी अन्य खाद्य सामग्री में किया जाता है।

    आज इस पोस्ट में आपको Cinnamon यानी  दालचीनी से जुड़ी सभी जानकारी देंगे।दालचीनी जिसका वैज्ञानिक नाम Cinnamomum Verum होता है।दालचीनी के पेड़ को True Cinnamon Tree कहा जाता है।इस पेड़ जिसे  लैरेसिई परिवार से संबंधित है। 


    दालचीनी को बनाने के लिए पेड़ की छाल को निकाल कर सुखाया जाता है। सूखने के बाद यह लंबी और गोल किसी डंडी की तरह हो जाती है। इसी को हम सभी दालचीनी के नाम से जानते हैं।




    यह एक प्रमुख भारतीय रसोई का एक मसाला होता है  जिसका उपयोग बहुत से व्यंजनों में स्वाद बढ़ाने और रंग देने के लिए किया जाता है।दालचीनी का उपयोग औषधी के तौर पर भी किया जाता है , दालचीनी के जरिए बहुत सी दवाईयां बनाई जाती हैं। दालचीनी जिसकी छाल बेहद पतली और खुशबूदार होती है। दालचीनी का फुल बेहद छोटे होते हैं।दालचीनी के पाउडर का इस्तेमाल चाय के अंदर भी किया जाता है। 

    दालचीनी के इतिहास 

    दालचीनी का इतिहास बहुत पुराना है। पुराना होने के साथ साथ हैरान कर देने वाला भी है।अनेक ऐसे दावे है जिनके अनुसार वास्को डी गामा और क्रिस्टोफर कोलंबस ने दालचीनी की खोज में ही यात्रा शुरू की थी।आपको ये बात मालूम होना चाहिए कि दालचीनी सबसे पहले श्रीलंका में हुई थी। इतिहासकारो के अनुसार दालचीनी सबसे पहले 2000 – 5000 ई.पू दालचीनी का उपयोग किया जाता था।  

    दालचीनी के प्रकार TYPE OF DALCHINI



    अगर देखा जाए तो दालचीनी चार प्रकार की होती है।जिनके नाम नीचे दिया गया है। 


    • सीलोन  दालचीनी (मैक्सिकन दालचीनी)
    • साइगॉन दालचीनी (वियतनामी दालचीनी)
    • कोरंटजे दालचीनी (इंडोनेशियाई दालचीनी)
    • कैसिया दालचीनी (जंगली या चाइनीज दालचीनी)

    सीलोन दालचीनी

    इस तरह के दालचीनी जिसको मैक्सिकन दालचीनी के नाम से भी जाना जाता है। इस दालचीनी की खेती सबसे ज्यादा श्रीलंका में होता है इसके खेती के लिए  रेतीली मिट्टी सबसे बेहतर होती है। इस दालचीनी के अंदर कूमेरिन की मात्रा बहुत ही अधिक कम मात्रा में होती है। सीलोन दालचीनी में कूमेरिन की मात्रा कम होने के कारण ही यह सबसे ज़्यदा उपयोग में लायी जाती है। अपनी उपयोगिता के चलते ही यह बाजार में महंगी मिलती है। 

    साइगॉन दालचीनी

    इसको वियतनामी दालचीनी के नाम से भी जाना जाता है।दूसरे दालचीनी के तुलना में ना केवल महंगी बल्कि यह उनसे काफी अलग भी है।इस दालचीनी के स्वाद के लोग दीवाने हो जाते हैं।यह दालचीनी वियतनाम के पहाड़ी जंगलों में सबसे अधिक पाई जाती है। इसमें सबसे उच्चतम गुणवत्ता की छाल क्विंग एनगई प्रांत से निकलती है।साइगॉन दालचीनी को वसंत मौसम के समय  ही काटा जाता है। 

    कोरंटजे दालचीनी


    इस दालचीनी की पहचान इंडोनेशियाई दालचीनी के रूप में भी है।पूरी दुनिया में दालचीनी की आवश्यकता की पूर्ति  का 70 प्रतिशत अकेला  इंडोनेशिया ही करता है । इसका उपयोग केक, कुकीज, चटनी, करी और सूप बनाने में किया जाता है। यह बाकी दालचीनी के मुकाबले आपको थोड़े कम दामों में बाजार में मिल सकती है। 

    कैसिया दालचीनी 

    इस दालचीनी को चाइनीज़ दालचीनी के नाम से जाना जाता है। इसकी खेती चीन में होती है। इसकी छाल थोड़ी मोटी होती है। लेकिन स्वाद के अनुसार ये उतनी अच्छी नहीं होती है। 

    दालचीनी के फायदे 





    वजन को संतुलित रखने में  दालचीनी के फायदे



    क्या आपको मालूम है कि दालचीनी के अंदर पॉलीफेनॉल्स होता है।जो की एक  एंटीऑक्सीडेंट होता है।जो की शरीर में इंसुलिन को बढ़ाता है। इंसुलिन के जरिए ही खून में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। ऐसे में अगर शरीर के अंदर इंसुलिन की मात्रा संतुलित ना हो तो इससे डायबिटीज होने का खतरा भी बढ़ जाता है।जिस कारण मोटापा एव अन्य समस्याएं भी बढ़ने लगती है। 

    दालचीनी के फायदे एंटीऑक्सीडेंट 


    दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट के भी गुण पाए जाते है। अभी कुछ दिन पहले किये गए एक रिसर्च में भारतीय २६ मसलो को लिया गया था। जिसमे की सबसे ज़्यदा मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट के गुण दालचीनी में पाए गए। 


    दिल के जुडी बीमारियों के लिए दालचीनी के फायदे



    दालचीनी के इस्तेमाल  दिल से जुडी बीमारियों में फायदेमंद होते है। आज के जिस हिसाब से लोग दिल से जुडी समस्याओं से ग्रसित हो रहे है।आज के समय में लोगो के कोलेस्ट्रॉल लेवल का अधिक होना भी बेहद आम सा हो गया है।यह लापरवाही लोगो की जान तक ले लेती है।दालचीनी के उपयोग करने  से कोलेस्ट्रॉल की समस्या से राहत पाई जा सकती है।एक रिसर्च के अनुसार अगर कोई व्यक्ति रोजाना से 6 से 7 ग्राम तक दालचीनी का सेवन करता है तो उसके शरीर में कुल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नियंत्रित होने लगती है। आपको मालूम होना चाहिए की कैसिया दालचीनी के अंदर सिनामलडिहाइड और सिनामिक एसिड पाय जाते हैं। जो की इनके अंदर कार्डियो प्रोटेक्टिव गुण होते हैं।जिसके कारण दालचीनी हृदय रोग से संबंधित समस्याओं को रोकने में सक्षम होती है। 


    सूजन की समस्या को कम करे दालचीनी के फायदे



    दालचीनी के अंदर एंटी इंफ्लेमेटरी के गुण होते हैं। जिसके कारण ये शरीर में होने वाली सूजन की समस्या में  प्रभावी रूप से काम करते है।प्रभावी रूप से काम करने का मतलब यह सूजन को कम करने से है। आप इसके लिए दालचीनी के तेल का इस्तेमाल कर सकते है। 


    बालों की समस्या में दालचीनी के फायदे


    दालचीनी के साथ ही इसके पेड़ की पत्तियां भी आपके बालों का ध्यान रख सकती है।अगर आप भी गंजेपन या हेयर फॉल की समस्या से परेशान है  तो दालचीनी के पेड़ की पत्तियों का पेस्ट बना कर इस्तेमाल करे यह आपके लिए एक रामबाण इलाज साबित हो सकता है। हालांकि अब तक इस पर शोध नहीं हुआ है। लेकिन जानने वाले लोग का मानना है कि इसके जरिए बालों को स्वस्थ रखा जा सकता है। 


    सांस लेने में होने वाली समस्या दालचीनी के फायदे


    आज के समय कई ऐसी बीमारियां होती हैं जिसके कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत आने लगती है, जैसे  निमोनिया और  कैटरर्हालिस बैक्टीरिया। यह बीमारियां क्रोनिक ब्रोंकाइटिस नाम की एक नई समस्या को भी पैदा कर देती है।इस तरह की समस्याओं से बचे रहने के लिए दालचीनी का उपयोग किया जा सकता है।दालचीनी के तेल और इससे ली जाने वाली भांप जो की ब्रोंकाइटिस से बचाए रखने में कारगर होती है।



    पेट से जुडी समस्याओं के लिए दालचीनी के फायदे


    आज के समय में जीवनशैली की अनिमियताओ की वजह से पेट से संबंधित समस्याओ होने लगती हैं।अनेक बार यह बेहद खतरनाक भी   जाती हैं, जिसकी वजह से व्यक्ति की जान भी जा सकती है।दालचीनी के अंदर पाए जाने वाले बहुत से गुण इस तरह की समस्या को समाप्त करने का कार्य करते हैं। यह आपकी पाचन क्रिया और आपकी आंत के लिए भी फायदेमंद और लाभप्रद होते है।  


    वजन को संतुलित रखने में दालचीनी के फायदे



    अगर आप  एक्सरसाइज या कोई शारीरिक कार्य नहीं करते तो यह आपको मोटापा देने लगता है।दालचीनी में मौजूद फाइबर और विटामिन सी इन दोनो ही समस्याओं का अंत करने के लिए काफी हैं। हालांकि इसके लिए एक्सरसाइज या योगा का सहारा लेना भी जरूरी है।




    दालचीनी के अंदर पाए जाने वाले पोषक तत्व 


    नीचे दिए गए इमेज टेबल में न्यूट्रीशन वैल्यू 100 ग्राम पर बताई गई है।





    कुछ अन्य लाभ दालचीनी के 


    1. सर्दी के समय सर्दी लगने पर दूध के साथ दालचीनी का उपयोग फायदेमंद रहता है। 
    2. शिशु को जन्म देने के बाद बहुत से महिलाओं को दूध कम उतरता है।  वह दालचीनी का सेवन कर सकती हैं। इसके उपयोग के बाद दूध अधिक मात्रा में आने लगेगा। 
    3. दालचीनी के नियमित इस्तेमाल से बालों को काला और घना किया जा सकता है। 
    4. डैंड्रफ की समस्या से परेशान लोग के लिए दालचीनी का उपयोग बहुत ही फायदेमंद रहता है। 
    5. भारतीय रसोई में व्यंजनों को बेहतर रंग और स्वाद देने के लिए भी दालचीनी का उपयोग किया जाता है। 
    6. याददाश्त को बेहतर रखने के लिए भी दालचीनी का उपयोग फायदेमंद माना जाता है। 
    7. मुंह से आने वाली बदबू को दूर करने के लिए ,अगर आप एक गिलास पानी में चुटकी भर दालचीनी डालकर पीते है तो  मुंह की दुर्गंध की समस्या दूर हो जाएगी।
    8. दांत या जोड़ के दर्द को ठीक करने में भी दालचीनी को लाभदायक माना गया है।

    उपयोग करने की विधि दालचीनी के 


    • दालचीनी का इस्तेमाल चाय के अंदर भी किया जा सकता है। इससे आपको फायदा भी होगा और चाय का स्वाद भी बेहतर हो जाएगी । 
    • दालचीनी का इस्तेमाल आप सुबह के समय पानी में डाल कर पी कर भी कर सकते हैं। 
    • दालचीनी और शहद के जरिए फेस पैक बना कर उपयोग कर सकते हैं।
    • दालचीनी का इस्तेमाल दूध में डाल कर भी किया जा सकता है। इससे दूध की ताकत और अधिक बढ़ जाती है। 
    • दालचीनी का उपयोग आप बहुत से भारतीय व्यंजनों को स्वादिस्ट बनाने के लिए भी कर सकते हैं। 



    नुकसान दालचीनी के 


    • दालचीनी के अंदर पाए जाने वाले तत्व वैसे तो फायदेमंद होते हैं, लेकिन इसके अधिक सेवन करने से आपको पेट से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। 
    • लिवर संबंधित समस्याओं से जूझने वाले लोगों को केवल डॉक्टर की सलाह पर ही विशेष रूप से इसका सेवन करना चाहिए।
    • दालचीनी का सेवन जरूरत से अधिक करने पर आपको कई तरह के एलर्जी हो सकती है। 
    • गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को दालचीनी का सेवन नहीं करना  चाहिए, क्योंकि इससे शिशु की जान भी जा सकती है।
    • जो लोग खून पतला होने की दवाई का सेवन करते हैं उन्हें दालचीनी के सेवन करने से बचना चाहिए। 

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 


    1. क्या दालचीनी की तासीर कैसी होती है?

      जी नहीं, दालचीनी की तासीर गर्म होती है।

    2. क्या दालचीनी का उपयोग बालों के लिए किया जा सकता है?

      जी हां, बालों को घना और हेयरफॉल की समस्या में दालचीनी का उपयोग किया जा सकता है।

    3. क्या दालचीनी का अधिक सेवन नुकसानदायक होगा ?

      जी हां, अगर आप दालचीनी का अधिक सेवन करते हैं तो यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है।


    निष्कर्ष 


    इस पोस्ट के माध्यम से मैंने आपको Side Effects and Benefits of Cinnamon in Hindi (Dalchini Ke Fayde aur Nuksan) के बारे में विस्तार से बता दिया है।अगर आप चाहें तो दालचीना का उपयोग कर सकते हैं और मेरा  पसंद आया हो तो कृपया करके अपने दोस्तों के साथ भी शेयर जरूर करे। 








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