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8 फायदे पितया फल खाने के । Dragon Fruit Benefits

Dragon जिसके नाम दिमाग में आते ही  फिल्मो कार्टून या कहानियों में दिखाए जाने वाले DRAGON की तस्वीर सामने आती है। लेकिन आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको Dragon Fruit के बारे में बताएंगे। जी हां आपने बिलकुल ही सही पढ़ा है यह ड्रैगन फल ही है। जिसको  हिंदीं में पिताया (Pitaya) कहा जाता है।पहले इसकी खेती केवल अमेरिका और दक्षिण एशिया में की जाती थी। लेकिन आजकल  इसकी खेती दुनियाभर में होती है। आज कल के समय में Pitaya की खेती अधिक होने लगी  है क्योंकि यह ना तो कुछ खास पूंजी निवेश मांगता हैऔर ना ही उतनी शरीर से मेंहनत। बहुत ही आसानी से ड्रैगन फ्रूट पैदा हो जाता है और महंगे दामों पर बिकता भी है आज हम आपको Dragon Fruit Benefits And Side Effects के बारे में भी बताएंगे।

 



यह  बहुत ही अधिक स्वादिष्ट फल होता है, जिसके अंदर भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं। Pitaya को इसके रंग बनावट को देख कर ही इसे ड्रैगन फ्रूट का नाम दिया गया है।यह फल जो की अमेरिका और दक्षिण एशिया में खेती किये जाने वाला है , इस फल के खाने से अनेक फायदें होते हैं जिसके कारण ही यह बाजार में महंगा होने के बाद भी आसानी से बिक जाता है।इस फल को औषधि की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है जो बहुत बीमारियों और शारिरीक समस्याओं को दूर करने में कारगर सिद्ध होता है।आज के समय में  इस फल की खेती भारत में भी बहुत तेजी से होने लगी है। ऐसा भी कहा जाता है कि एक बार के निवेश में की जाने वाली यह सबसे फायदेमंद खेती में से एक होता हैं। 


Dragon Fruit कितने प्रकार के होते है 


ड्रैगन फ्रूट तीन प्रकार के होते हैं।ड्रैगन फ्रूट के बाहरी और अंदरूनी रंग का इनमें फर्क देखा जाता है।लेकिन स्वाद के अनुसार यह सभी लगभग एक जैसे ही होते हैं।तीनों प्रकार ड्रैगन फ्रूट के फायदे और नुकसान भी एक जैसे ही होते हैं।

लाल पितया 


सबसे ज़्यदा और आसानी से मिलने वाला पिताया फल लाल रंग का होता है।
लाल रंग के पितया की खेती भारत में हो रही है।इसके अंदर गूदे का कलर सफेद होता है। 


पीला पितया 


पीले रंग का पितया बाजार में मुश्किल से मिलता है। इसका कारण है इसकी खेती का कम होती है ।कीमत  और गुण में अधिक फर्क न हो पाने की वजह से इसकी खेती कम जाती है। यह बाहर से पीला और अंदर से सफेद होता है  जिस प्रकार अंदर से किवी होता है। इसके अलावा यह अंदर से बहुत ही मुलायम भी होता है।


लाल गूदे वाला पितया 


इस तरह के पितया में ऊपर का कलर तो लाल होता ही है साथ ही अंदर के गुदे का भी कलर लाल होता है। अंदर के गूदे  का लाल होने के अलावा यह बहुत ही स्वादिष्ट और पोषक तत्वो से भरपूर होता है।


पितया में पाए जाने वाले पोषक तत्व 


क्या आप जानते है ?पिताया ही केवल ऐसा फल है जिसके अंदर सभी तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं।इसके अंदर कैल्शियम, फास्फोरस, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन C, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन ई, बी, आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा पिताया में फाइबर और वसा भी पर्याप्त रूप में पाया जाता है। 


पितया फल खाने के फायदे 


  • दिल से जुडी बीमारी कब किसी व्यक्ति को हो जाये यह कोई नही जानता। दिल से जुड़ी बीमारी से बचने के लिए अक्सर डॉक्टर ऐसे फल और सब्जियां खाने की सलाह देते हैं जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम कर सके, और ऐसे सभी पोषक तत्व पिताया में मौजूद हैं। इसमें बीटालायंस, पॉलीफिनोल्स और एस्कॉर्बिक एसिड जैसे तत्व पाए जाते हैं।जो आपके हृदय को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। 

  • बढ़ती उम्र के साथ साथ खाने पीने पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है।क्योकि इसके पीछे का सबसे पहला कारण होता है शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है।  जिनमे से मुख्य है दिल का दौर पड़ना।ड्रैगन फ्रूट आपके बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।ड्रैगन फ्रूट का सेवन करने से शरीर में बढ़ने वाले बैड कोलेस्ट्रॉल को मात्रा को नियंत्रण में रखा जा सकता है।ड्रैगन फ्रूट का सेवन गुड कोलेस्ट्रॉल को शरीर में बढ़ाता है। 


  • पितया में एंटीट्यूमर, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। यह सभी तत्व कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से समाधान दिलाने में मदद कर सकते हैं।एक रिसर्च में यह भी बताया गया है कि ड्रैगन फ्रूट में ऐसे तत्व भी मौजूद होते हैं जो महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर से निजाद दिलाने में मदद करते हैं।में इस बात को मानता हु कि कैसंर एक गंभीर बीमारी है और इस तरह का कोई भी फल शायद उसके उपचार में काम ना आए। इसलिए अगर किसी को कैंसर जैसी समस्या हो तो वह डॉक्टर के पास जरूर जाए। 



  • डायबिटीज एक ऐसा बीमारी है जिसके मरीज आज दुनियाभर में मौजूद हैं। यह बीमारी  बहुत खतरनाक होने के साथ ही ,यह अन्य कई बीमारियों को भी न्यौता देती है।लेकिन पितया में ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो डायबिटीज जैसी बीमारी से लड़ने में भी मदद कर सकते हैं।यह फल उन लोगो को रोजाना जरूर खाना चाहिए जो इस बीमारी से बच कर रहना चाहते हैं।


  • अस्थमा एक ऐसी बीमारी होती है जो की अगर किसी को लग जाती है तो  उस व्यक्ति को बहुत लंबे समय तक इस बीमारी के साथ ही रहना होता है।इस बीमारी के बहुत लोगों की जान तक चली जाती है। इस बीमारी के अंदर खासी होना सांस लेने में दिक्कत आती है। इन सभी समस्याओं से लड़ने के लिए ड्रैगन फ्रूट मददगार होता है।अनेक रिर्सच में भी यह बताया गया है कि पिताया फल अस्थमा जैसी बीमारी के उपचार के लिए एक महत्वपूर्ण ओषधी है।


  • अर्थराइटिस जिसको हिंदी में गठिया भी कहते है।ऐसी बीमारी है जो की शारीरिक समस्या है  जो जोड़ो में होती है। इस तरह के समस्या से पीड़ित व्यक्ति को बहुत ज्यादा दर्द झेलना पड़ता है, इसके अलावा जोड़ो में सूजन होना और उन्हे हिलाने तक में समस्या पैदा हो जाती है। ऐसा होने के यूं तो कई कारण हैं जिनमें से एक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का बढ़ जाना। इसे कम करने के लिए डॉक्टर एंटीऑक्सीडेंट चीजों का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। पितया  में एंटीऑक्सीडेंट प्रचूर मात्रा में पाया जाता है,  जो कि गठिया में भी आराम दिलाने में मदद करता है।

  • पितया में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है।कैल्शियम जो की हड्डियों और दांतो दोनो के लिए ही बेहद फायदेमंद माना जाता है।अगर आपके दांत या हड्डियां कमजोर हैं तो आप भी पिताया फल का सेवन कर सकते है। 

  • पितया का सेवन रोजाना करते हैं तो इसके फायदे आपको स्किन पर भी दिखाई देगा ,आपका चेहरा ग्लो करने लगता है और रंग भी साफ हो जाता है। पिताया फल में पाए जाने वाले तत्व में  विटामिन बी-3 भी होती है जो स्किन की ड्राइनेस को भी खत्म कर देती है। 

कैसे खाये पितया को 


  1. आप इसे सीधा काटकर भी खा सकते है।  
  2. आप इसे तरबूज की तरह ठंडा करके भी खाया सकते है। 
  3. इसका इस्तेमाल फ्रूट चार्ट या सलाद में भी कर सकते हैं।
  4. आप इसके मुरब्बा कैंडी या जेली बनाकर भी खा सकते हैं।
  5. आप जिम या एक्सरसाइज करने जाते हैं तो आप इसे शेक में डालकर भी पी सकते हैं।


पितया को खाने के नुकसान 

अगर इसका इस्तेमाल ज़्यदा करते है तो आपको दस्त की समस्या हो सकती है बहुत ज़्यदा खाने से आपको वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है। इस लिए बहुत अधिक नहीं सेवन  करे। 


पूछे जाने वाले सवाल 

  1.  आपको क्या लगता है यह कैक्टस फैमली का हिस्सा होता है ?

    जी हां, पिताया फल कैक्टस फैमली का ही हिस्सा है।

  2. क्या ड्रैगन फल के जरिए जैम भी बनाया जाता है?

    जी हां, इस फल के जरिए जैम भी बनाया जा सकता है।

  3. यह फल कितने प्रकार का होता है?

    पितया फल तीन प्रकार के होते है, जिनमें से एक के अंदर और बाहर दोनो ओर से ही लाल होता है, जबकि एक पीला और दूसरा लाल रंग का होता है, जिनका अंदरूनी हिस्सा सफेद होता है।


निष्कर्ष  

इस लेख में यह तो समझ गए होंगे कि पितया खाने के नुकसान और फायदे क्या हैं। आशा करता हु पोस्ट को पूरा पढ़ कर  पूरी जानकारी प्राप्त किये होंगे। 


विशेष नोट- हम यह बिलकुल दावा नही कर रहा कि ड्रैगन फ्रूट के इस्तेमाल से किसी तरह की बीमारी के इलाज में इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो आप इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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