capacitor meaning in hindi -Capacitor का क्या काम

आज के अपने इस पोस्ट में capacitor meaning in hindi- के विषय में सम्पूर्ण जानकरी देंगे , जैसे ये क्या होता है , कैसे काम करता है , साथ ही कितने तरह के होता है , इसके उपयोग कहाँ होता है , ये सभी चीज़ो पर जनकरी देंगे । कृपया पोस्ट को पूरा पढ़े और पूरी जानकारी प्राप्त करे ।

capacitor meaning in hindi- ये एक तरह का energy-storing devices होते हैं । जो विशेष तौर पर टेलीविज़न & रेडिओ और भी इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस में प्रयोग होता है ।

What is Capacitor in Hindi – Capacitor Meaning In Hindi

capacitor meaning in hindi
capacitor meaning in hindi

CAPACITOR DEFINITION IN HINDI-Capacitors जो की एक तरह के passive electrical components होते हैं ।जो मुख्य रूप से electric energy को store करते हैं । इन्हें condenser के नाम से जाना जाता है । एक capacitor जो की electrical conductors से बने हुए होते हैं , तथा इंसुलेटर के द्वारा अलग किये होते हैं ।

कैपेसिटर्स एक छोटी सी चार्ज होने वाली बेट्री की तरह कार्य करता है । कैपेसिटर्स को हिंदी में संधारित्र कहते  है ।

कैपेसिटर का मात्रक – Capacitor in Hindi

Capacitance का S.I मात्रा farad फैराडे होता है , जिसको F से दर्शाया जाता है ।

कैपेसिटर का अविष्कार किसने किया – Capacitor in Hindi

कैपेसिटर जिसका अविष्कार German physicist Ewald Georg von Kleist ने किया था ।

कैपेसिटर की बनावट – Capacitor Hindi

कैपेसिटर की बनावट

इसमें कुल दो कंडक्टर प्लेट होती है जो की पावर सोर्स से जुड़ा हुआ होता है , कंडक्टर प्लेट के बीच में insulator material को लगा दिया जाता है । इस तरह के मटेरियल को dielectric material कहते है । कपैसिटर के लिए dielectric material  में पेपर glass,rubber  कुछ भी हो सकता है ।

Capacitor Working in Hindi – Capacitor का क्या काम

कैपेसिटर एक तरह का energy-storing devices होते हैं । जो विशेष तौर पर टेलीविज़न & रेडिओ और भी इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस में प्रयोग होता है । जो विशेष तरह के रिचार्जेबल बैटरी की तरह कार्य करता है ।

कैपेसिटर जिसमे 2 टर्मिनल होते जिसके एक टर्मिनल में +ve चार्ज प्रवाहित होती है , जिसको +ve चार्ज से कनेक्ट किया जाता है , जिससे उसमे +ve चार्ज आएगा , दूसरे टर्मिनल में – ve चार्ज प्रवाहित होती है , जिसको – ve चार्ज से कनेक्ट किया जाता है , जिससे उसमे – ve चार्ज आएगा ।

टर्मिनल में इस तरह के विपरीत धारा के प्रवाह होने के कारण attract होंगें बीच में dielectric तत्व होते है तब इससे इन दोनों के बीच में एक electrostatics field पैदा हो जाती है। कैपेसिटर जो की एनर्जी को जेनेरेट नहीं करता यह स्थिर विधुत यानि Static Electricity को Store करता है ।

कैपेसिटर के दोनों टर्मिनल को कुछ समय के लिए पावर सोर्स से जोड़ते है कुछ समय के लिए माइक्रो / मिली सेकंड के लिए तो कैपेसिटर चार्ज हो जाता है और उसे यूज़ करने से वह डिस्चार्ज हो जाता है ।

कैपेसिटर कैसे चेक करें?- Capacitor Working in Hindi

अगर आपके पास मल्टीमीटर है तो आप उससे भी चेक कर सकते है , अगर नहीं है तो कपैसिटर से निकले दोनों वायर जो की +ve / -ve होते है को आपस में शार्ट करा के देख सकते है ।

कैपेसिटर के प्रकार

कैपेसिटर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते है ।

  1. Polarized Capacitor
  2. Non Polarized Capacitor
 1- Polarized Capacitor  

इस तरह के कैपेसिटर में टर्मिनल को ध्यान से देख कर यूज़ करना होता है , मतलब +ve और -ve को ध्यान से देख कर कनेक्ट किया जाता है नहीं तो ये काम नहीं करता है । 

2- Non Polarized Capacitor  

इस तरह के कैपेसिटर / Capacitor को कैसे भी use कर सकते है । 

1-Polarized Capacitor 


1- Electrolytic Capacitor
1.1 Niobium Electrolytic Capacitor
1.1.1-Solid Polymer
1.1.2-Solid MnO2


1.2 - Aluminum Electrolytic Capacitor
1.2.1- Non Solid
1.2.2- Solid Polymer
1.2.3-Hybrid Polymer

1.3- Tantalum Electrolytic Capacitor
1.3.1-Solid MnO2
1.3.2-Solid Polymer
1.3.3-Non Solid
2-Non Polarized Capacitor

2.1.1-Metal Insulated Capacitor
2.1.2-Ceramic Capacitor
2.1.3-Film Capacitor

कैपेसिटर का उपयोग – Capacitor Hindi

  • high pass filter के लिए कैपेसिटर का उपयोग किया जाता है ।
  • Noise Filter के लिए कैपेसिटर का उपयोग किया जाता है ।
  • Low pass filter के लिए कैपेसिटर का उपयोग किया जाता है ।
  • Self defence के लिए gadgets में कैपेसिटर का उपयोग किया जाता है ।
  • Tuned circuit में कैपेसिटर का उपयोग किया जाता है ।
  • घर के fan और अन्य जगह Capacitor का उपयोग किया जाता है ।
  • Power Factor Correction में कैपेसिटर  का उपयोग किया जाता है ।

Capacitor connection in Parallel

जब 2 या उससे अधिक कपैसिटर के -ve टर्मिनल को -ve टर्मिनल से जोड़ते है तथा उसके +ve टर्मिनल को +ve टर्मिनल से जोड़ते है इस तरह के कनेक्शन को समान्तर कनेक्शन कहते है ।

यहाँ पर कापेटेंस निकलने का फार्मूला होगा –
Total C= C1+C2+C3……………………Cn

Capacitor connection in Series

जब एक या एक से अधिक कपैसिटर को उनके टर्मिनल को +ve को दूसरे कपैसिटर के _ve टर्मिनल से जोड़ा जाये ठीक उसी तरह दूसरे कपैसिटर के +ve टर्मिनल को 3rd कपैसिटर के _ve टर्मिनल से जोड़ा जाये , इस तरह के कनेक्शन को ही सीरीज कनेक्शन कहते है ।

इनमे एक तरह के चार्ज करंट होते है , परन्तु इनके वोलटेज अलग अलग होती है । यह पर कापेटेंस निकलने का फार्मूला –

C=Q/V YA V=Q/C

आज के अपने इस पोस्ट में Capacitor से जुडी तमाम जानकारी दिया , इसके यूज़ के बारे में , इसके प्रकार के बारे में , साथ ही इसके कनेक्शन के बारे में , आशा करते ये पोस्ट आपको पसंद जरूर आएगा । पोस्ट पसंद आने पर शेयर जरूर करे । धन्यबाद

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