computer in hindi language । computer ka history in hindi

Computer Ka History In Hindi / कंप्यूटर का इतिहास (History of Computer) 

हम जानते है, कि कंप्यूटर का इतिहास / Computer Ka History In Hindi आज से लगभग 300 वर्ष पूराना है, मूल रूप से कंप्यूटर का विकास गणितिय गणनाओं को बड़ी संख्या में करने के लिए किया गया था। कंप्यूटर का इतिहास Computer Ka History In Hindi यही समझाता है कि काफी प्रयास के बाद ही कंप्यूटर का विकास हो सका हैं।

Computer Ka History In Hindi
Computer Ka History In Hindi

इस प्रक्रिया में विभिन्न प्रणालियों को जन्म दिया जैसे बेबीलोनियनप्रणालीयूनानीप्रणालीरोमनप्रणाली और भारतीयप्रणाली, मगर इनमें से भारतीय प्रणाली को स्वीकार कर लिया गया ।

भारत के प्राचीन विख्यात खगोल शास्त्री और गणितज्ञ आर्यभठ्ठ के द्वारा दशमलवप्रणाली (Decimal System) का विकास किया गय़ा था।

यह 0-9 संख्याकरण की आधुनिक दशमलव प्रणाली का आधार है तथा बाइनरीनंबरप्रणाली (0,1) का सर्वप्रथम ज्ञात विवरण प्रस्तुत किया गया | इन दो अंको (0) और  (1) का ही प्रयोग प्रथम कम्प्यूटर की संरचना के लिए मुख्य रूप से किया गया था।

आप सोच सकते है अगर भारत के गणितज्ञ आर्यभठ्ठ के द्वारा दशमलव प्रणाली का विकास ना हो पाता तो क्या आज हम जो कंप्यूटर का इस्तेमाल  इन्टरनेट , मूवीज तथा गेम्स खेलने के लिए करते है  क्या उनका विकास मुमकिन हो पाता |  

 

कंप्यूटर शब्द का इस्तेमाल Computer In Hindi Language

Computer Ka History In Hindi-कंप्यूटर के निर्माण से बहुत पहले से ही होता आ रहा है पहले के समय में यांत्रिक उपकरणों को संचालित करने वाले विशेषज्ञ व्यक्ति को ही “कंप्यूटर” नाम से जाना था| समय के साथ-साथ इन यंत्रो में अनेक प्रकार के बदलाव तथा सुधार किये गए। तब  जाकर आधुनिक कंप्यूटर (Modern Computer) का निर्माण संभव हो सका जिससे हम “कंप्यूटर के इतिहास” के रूप में जानते है।

Computer Ka History In Hindi / कंप्यूटर का इतिहास तथा अबेकस का आविष्कार

Computer Ka History In Hindi/कंप्यूटर का इतिहास (History of Computer) को देखे तो हमे ये पता चलेगा की मानव के लिए गणितीय गणना करना शुरु से ही कठिन रहा है तब हमे एक ऐसे यंत्र की आवश्यकता महसूस होने लगी जिसकी सहायता से हम आसानी से अपनी गणितीय गणना कर सके। एबाकस (ABACUS) पहली मैकेनिकल (Mechanical) गणना करने वाली मशीन थी।

Computer Ka History In Hindi-जिसकी सहायता से हम बड़ी संख्या और आंकड़े की गणना किया जा सकता था और अंकगणित इत्यादि कर सकते थे। यह लगभग 5000 साल पहले चीन में आविष्कार हुआ था। इसमें संख्याओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए मोतियों के साथ कई छड़ हैं।एबाकस पर गणना इन मोतियों को छड़ से फिसलने के द्वारा किया जाता है। परन्तु अबेकस के द्वारा गुणन और विभाजन का कार्य नहीं किया जा सकता था। ये भी कंप्यूटर के विकास क्रम का एक भाग है। इस मशीन के आविष्कार ने कंप्यूटर के विकास का आगाज कर दिया था।

Computer Ka History In Hindi / कंप्यूटर का इतिहास तथा नेपियर बोनस का विकास

Computer Ka History In Hindi-1616 में, सर जॉननेपियर ने एक गणना उपकरण बनाया और इसे नैपियरबोन्स (Napier’s Bones) कहा गया। इसका उपयोग से जोड़ (Addition), घटाव (Subtraction), गुणा (Multiplication) और भाग (Division) किया जाता था। यह डिवाइस आयताकार छड़ का एक सेट से बना है। कंप्यूटर के विकास में सर जॉन नेपियर का नेपियर बोन्स का प्रभावाशाली भूमिका था।

जैसा की हम जानते है की सर जॉन नेपियर (John Napier) एक स्कॉटिश गणितज्ञ थे जो लोगारिथ्म्स (Logarithms) के अपने आविष्कार के लिए प्रसिद्ध हुये थे। उनके लॉगस (Logs) के उपयोग से किसी भी गुणा समस्या को कम समय में हल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। उनकी “नेपियर बोन्स” आयताकार छड़ का एक सेट से बना जिशमे ग्यारह छड़ की सेट होती हैं और छड़ को “बोन्स” इसलिये कहा जाता था क्योंकि वे हाथीदांत (Ivory) से बने थे।

Computer Ka History In Hindi कंप्यूटर का इतिहास तथा पास्‍कलाइन का खोज

Computer Ka History In Hindi-एबाकस तथा नेपियर बोन्स के निर्माण के बाद पास्‍कलाइन का आविष्कार हुआ। सन् 1642 में ब्लेज़पास्कल ने पास्‍कलाइन का आविष्कार किया, जो एक यांत्रिक मशीन था। इसमें आठ चलने वाले पहियों के साथ एक आयताकार बॉक्स शामिल था। यह 10, 100 और 1000 के साथ जोड़ने, घटाने में सक्षम था। यह अबेकस से अधिक गति से गणना करता था, तथा ये पहला मैकेनिकल कैलकुलेटर था।

जैसा की हम जानते है की ब्लेज़ पास्कल एक फ्रांसीसी गणितज्ञ थे और पहले आधुनिक वैज्ञानिकों में से एक थे जिन्होंने कैलकुलेटर विकसित किया और इशका निर्माण किया था। उन्होंने 19 वर्ष की उम्र में एक मशीन विकसित की जो संख्याओं को जोड़ना और घटाने में सक्षम थी। मशीन को पहियों की श्रृंखला के डायल द्वारा संचालित किया जाता था। ये गणितीय गणना कर सकता था और श्रम को भी बचा सकता था।

कंप्यूटर का विकास & डिफ्रेन्सियलऔर एनालिटीकल इंजन का अविष्कार

Computer Ka History In Hindi-सन् 1822 में चार्ल्सबेबेज ने पास्कलिन से प्रेरणा लेकर पहला यांत्रिक कंप्यूटर का आविष्कार किया था, इसे डिफ्रेन्सियल इंजन कहा जाता था। उन्होंने विचित्र-विचित्र मशीने जैसे “डिफरेंशिअल इंजन” तथा “एनालिटीकल इंजन” बनाया जो सही तरीके से गणना कर सकते थे।

Computer Ka History In Hindi-चार्ल्स बैबेज एक ब्रिटिश गणितज्ञ, जिसे कंप्यूटर के पिता के रूप में माना जाता है, उन्होंने एनालिटीकल इंजन के रूप में जाना जाने वाला पहला सामान्यकंप्यूटर का आविष्कार किया तथा इसके आधार पे ही आज के कंप्यूटर बनाये जा रहे हैं इसलिए चार्ल्स बैवेज को कंप्यूटरकाजनक कहा जाता है। उन्होंने 1937 में स्वचालित कंप्यूटर की परिकल्पना की थी जिसे वे धन की कमी के कारण पुरा नहीं कर सके थे।

मगर हथर्न होलेरीथ ने उससे पूरा किया जिसमे पंचकार्ड की इश्तेमाल से कृत्रिम स्मृति तथा प्रोग्राम के अनुरूप गणना करने की क्षमता थी।

Computer Ka History In Hindi-कंप्यूटर एक विशालकाय मशीनरी से लैपटॉप (Laptop) और डेस्कटॉप (Desktop) के रूप में विकसित हुआ। कंप्यूटर तकनीक लगातार बदल रही है। यह उपकरण एक विशाल कैलकुलेटर (Calculator) के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन आज पूरी दुनिया के लोगों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपकरण बन गया है। आज कंप्यूटर तकनीक लगभग हर चीज में है। क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपके पास मोबाइल, डेस्कटॉप और लैपटॉप नहीं होता, तो अभी आप क्या कर रहे होते?

कंप्यूटर क्या है ? Computer In Hindi Language

Computer In Hindi Language
Computer In Hindi Language

कंप्यूटर एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो गणना कर सकती है कंप्यूटर एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो गणना कर सकती है और दिए हुए जानकारी को संग्रहीत करने में सक्षम है।

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो सूचना या डेटा की यूजर के जरुरत के हिसाब से जानकारी देता है।इसमें डेटा को संग्रहीत करने, पुनर्प्राप्त करने और सुधार करने की क्षमता है।आप पहले से ही जानते हैं कि आप Data को टाइप करना ,EMAIL भेजना ,Game खेलना औरWEB BROWSE करने के लिए कंप्यूटर का उपयोग करते हैं। आप spreadsheets बनाने और यहां तक कि किसी वीडियो को बनाने या उसमे सुधार करने के लिए भी कंप्यूटर का उपयोग करते हैं।

कंप्यूटर यह शब्द लेटिन भाषा के “Computatrum” से लिया गया जिसका मतलब गणना करना होता है।Computer  के  System में Data Store करने के लिए क्षमता बहुत ही अधिक होती है  जिससे Computer अनेक  शब्दों को बहुत कम जगह में Store कर पाता  है।

जिसमे सब प्रकार के  डाटा ,इमेज , सेटअप फाइल ,अनेको सॉफ्टवेयर , बहुत सारे गेम  और सूने लायक म्यूजिक  को कई बर्षो तक अपने  Storage  में स्टोर करके रख सकता है जब हमें किसी भी सूचना को जानना होता है तो  कुछ ही सेकण्ड में प्राप्त कर पाते है और  अपने इस्तेमाल में ला सकते है।

अगर हम मनुष्य किसी भी काम को लगातार करे तो धिरे धिरे हमारी छमता कम होती जाती है ,और एक समय ऐसा आता है जब हमारे शरीर को आराम की जरूरत होती है , लेकिन जब हम कंप्यूटर के विषय में बात करे तो तो इसमें ऐसा कुछ  नहीं होता है ,ये लगातार इस्तेमाल किया जा सकता है उससे उसके काम करने की क्षमता में न तो कोई कमी आती है और न ही उसके द्वारा किये हुए कार्य  के परिणाम की शुद्धता मे  जरा भी कमी आती हैं ।

यह दिए हुआ कार्य  को बिना किसी पक्छपात  के करता है ,चाहे वो काम उसके महत्त्व का हो या ना हो। कंप्यूटर खुद से कोई भी गलती नहीं करता है इसके गलती करने का कारण गलत डाटा ENTRY  होता है।  

कंप्यूटर कार्य कैसे करता है ?how does computer hardware work

कंप्यूटर के कार्य मुख्य रूप से तीन भाग में होता है। जिनके कारण कंप्यूटर कार्य करता है।   

how does computer hardware work
how does computer hardware work

इसके पहले भाग जिसे INPUT DATA कहा जाता है इसमें किसी RAW सूचना को इनपुट डिवाइस के माध्यम से कंप्यूटर मे वो डाटा को डाला जाता है। इसके बाद उस इनपुट डाटा को यूजर के निर्देश के अनुसार  उस  DATA को PROCESS करना होता है।यह पूरी तरह से इंटरनल प्रोसेस होता है।

इसमें  PROCESS हुआ डाटा के रिजल्ट के तौर पर डिस्प्ले किया जाता है ,अगर हम उस रिजल्ट को कम्प्यूटर के स्टोरेज में सेव कर लेते है तो उस रिजल्ट को हम भविष्य में भी,हम उसको देख सकते है।     

कंप्यूटर का फुल फॉर्म computer ka full form hindi mai 

कंप्यूटर का फुल फॉर्म  नीचे दिया गया है। 

  • C= Common 
  • O= Oriented 
  • M= Machine 
  • P= Particularly 
  • U= United and used under 
  • T= Technical and 
  • E= Educational 
  • R= Research

 किसी कंप्यूटर को सही से काम करने के लिए हार्डवेयर  सॉफ्टवेयर दोनों की आवश्कता होती है। कंप्यूटरों हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का मिश्रण होता है।हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों का सामान और अपना अलग महत्त्व होता है ,दोनों आपस में मिल कर कार्य करते है।बिना हार्डवेयर के सॉफ्टवेयर किसी काम का नहीं ,ठीक उसी तरह बिना सॉफ्टवेयर के हार्डवेयर किसी काम का नहीं होता है।

कंप्यूटर के हार्डवेयर को कैसे कार्य करना होगा इसकी सारी जानकारी सॉफ्टवेयर में होती है।कंप्यूटर के CPU से सारे हार्डवेयर आपस में जुड़े होते है जिनसे काम करवाना सॉफ्टवेयर (यहां OS सॉफ्टवेयर है )के माध्यम से होता है।   

computer hardware in hindi

Hardware 

कंप्यूटर का वो  हिस्सा होता है जिसमें एक भौतिक संरचना होती  है, जैसे कि की बोर्ड या माउस।इसमें कंप्यूटर के सभी भाग भी शामिल होते  है जिसको हम लोग टच कर सके ।      

Software

सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के निर्देशों का एक सेट होता है जो हार्डवेयर को बताता है उसे क्या करना है क्या नहीं ,जो करना है वो कैसे करना है।सॉफ्टवेयर के उदाहरणों में WEB BROWSE, GAME और OS शामिल हैं।  

History and Generation of computer in hindi

generation of computer hindi-आगे के पोस्ट का विषय है कंप्यूटर पढिया। अब यहाँ पर पीढ़िया का मतलब कंप्यूटर के तकनीक में विकास से है। कंप्यूटर के विकास उसके  तकनीक के विकास के साथ हुआ। इस तकनीक के विकास को हम पांच भाग में बाटते है। 

1st generation of computer in hindi

1st generation of computer in hindi
1st generation of computer in hindi

पहली पीढ़ी के  कंप्यूटर की  अवधि 1946-1959 तक थी।पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों में  सीपीयू (CPU)सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट के लिए मेमोरी और सर्किट के लिए बेसिक घटकों के रूप में वैक्यूम ट्यूबों का इस्तेमाल किया गया था।    

1st generation of computer in hindi

इनमे इस्तेमाल ट्यूब, बिजली के बल्ब जैसा था,बहुत अधिक गर्मी पैदा करता था।पहला कंप्यूटर “1946”में अस्तित्व में आया जिसका नाम “ENIAC” था।”ENIAC” को पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय,U.S के John Mauchlyऔर J. Presper Eckert के द्वारा डिजाइन किया गया था।इसमें 18000 के आसपास वैक्यूम ट्यूबों का इस्तेमाल हुआ था। वैक्यूम ट्यूबों का निर्माण साल 1904 में हुआ था। इस कंप्यूटर का वजन ३०मीट्रिक टन था। 

इस पीढ़ी के कंप्यूटर का कोई भी रख रखाव संभव नहीं था।फेरेंटी मार्क 1 (1951) को पहला व्यावसायिक वैक्यूम ट्यूब कंप्यूटर माना जाता है।पहला बड़े पैमाने पर उत्पादित कंप्यूटर IBM 650 (1953) था।इस कंप्यूटर का आकार बहुत ही ज़्यदा बड़ा होता था।बड़ा होने के कारण इसको रखने के लिए बड़े से रूम की आवश्यकता होती थी जिसके कारण इसको एक जगह से दूसरे जगह ले जाने में परेशानी होती थी।

इसमें डाटा को सुरक्षित रखने के लिए PUNCH CARD का इस्तेमाल होता था।इस पीढ़ी के कंप्यूटर मशीनी   के साथ साथ असेम्ब्ली भाषा का इस्तेमाल करते थे।इसमें सभी डाटा 0 और 1 में दिए जाते थे।इसमें बहुत धीरे गति से कोई भी कार्य होते थे। इस तरह के कंप्यूटर जरूरत से ज़्यदा गर्मी निकालते थे। 

second generation of computer in hindi  

second generation of computer in hindi  
second generation of computer in hindi  

इस पीढ़ी के कंप्यूटर की अवधि 1959 से 1965 तक थी।दूसरे पीढ़ी का  कंप्यूटर को ट्रांजिस्टर (transistor) कंप्यूटर कहा जाता है।इस पीढ़ी के कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूबों के बजाय ट्रांजिस्टर(transistor)का उपयोग हुआ था।Transistor का अविष्कार “विल्लियम शोकले” ने 1947 में अमेरिका में किया था।Transistor का अविष्कार इस पीढ़ी के कंप्यूटर के लिए लाभदायक साबित हुआ।क्योकि इसके इस्तेमाल करने से कंप्यूटर के छेत्र में काफी विकास हुआ,इस पीढ़ी के कंप्यूटर का इस्तेमाल करना सरल हो गया।ये आकार मे वैक्यूम ट्यूब से छोटा था।

इसकी कार्य करने की छमता पहले की पीढ़ी से बेहतर थी।जिसके कारण इसका इस्तेमाल पहले पीढ़ी के कंप्यूटर से ज़्यदा होने लगा।ये पहले पीढ़ी के कंप्यूटर तुलना मे बिजली का खपत कम करता था।इसके रख रखाव की सुविधा थी।इस पीढ़ी के कंप्यूटर पहले के पीढ़ी के कंप्यूटर से साइज में छोटे थे फिर ये बड़े थे,जिसके कारण इसे भी एक अस्थान से दूसरे अस्थान ले जाना कठिन कार्य था।    

 इनमे FORTRAN ,COBOL, SNOBAL जैसे भाषा का इस्तेमाल हुआ था IBM 7904 ,UNIVAC 1108  इस पीढ़ी की कंप्यूटर थे।डाटा को सुरक्षित रकने के लिए PUNCH कार्ड के साथ ही DISK का भी इस्तेमाल होता था।कंप्यूटर को ठंडा रखने के लिए वातानुकूलित कमरे की जरूरत होती थी। 

 3rd generation of computer in hindi

3rd generation of computer in hindi
3rd generation of computer in hindi

3rd  Generation के कंप्यूटर  इस पीढ़ी के कंप्यूटर की अवधि 1965  से 1971 तक थी।तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों में ट्रांजिस्टर(transistor) की जगह इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) का इस्तेमाल किया गया था।आईसी(IC)का आविष्कार जैक किल्बी ने साल 1958 में किया था। जैक किल्बी के आविष्कार आईसी(IC) से कंप्यूटर में काफी बदलाव आये।एक एकल (Single)आईसी में संबंधित सर्किटरी के साथ कई ट्रांजिस्टर, प्रतिरोधकऔर कैपेसिटर होते हैं।

IC का आविष्कार जैक किल्बी ने किया था।तीसरी  पीढ़ी का कंप्यूटर का आकार पहले के दोनों कंप्यूटर से छोटा था।तीसरे पीढ़ी का कंप्यूटरों का आकार छोटा, होने के साथ-साथ विश्वसनीय और कुशल बनाया गया था। इस पीढ़ी के कंप्यूटर मे रिमोट प्रोसेसिंग,और टाइम शेयरिंग के साथ मल्टीप्रोग्रॅमिंग ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया गया था।    

इस पीढ़ी के कंप्यूटर पहले के कंप्यूटर से कम  मात्रा मे  गर्मी पैदा करता था।इस पीढ़ी के कंप्यूटर का रख रखाव सस्ता था। इस पीढ़ी के कंप्यूटर हाई लेवल के भाषा को  समझ सकते थे।

इस पीढ़ी का कंप्यूटर मॅहगा हुआ करता था।इस  पीढ़ी के कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल शुरू हुआ। कंप्यूटर को ठंडा रखने के लिए वातानुकूलित कमरे की जरूरत होती थी। ये कंप्यूटर केवल विशेष उदेश्य को पूरा करते थे।इस पीढ़ी के कंप्यूटर के नाम इस प्रकार है ,TDC -316  IBM -370 

fourth generation of computer in hindi

fourth generation of computer in hindi

4th Generation के कंप्यूटर  इस पीढ़ी के कंप्यूटर में  वीएलएसआई(VLSI) सर्किट का इस्तेमाल किया गया था।

वीएलएसआई(VLSI)सर्किट में एक ही चिप पर लगभग 5000 ट्रांजिस्टर और उनके जुड़े सर्किट के साथ अन्य सर्किट तत्व झुड़े हुऐ होते हैं,चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर को माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग करके विकसित किया गया था।इंटेल 4004 चिप 1971 में विकसित पहला माइक्रोप्रोसेसर था।

माइक्रोप्रोसेसर एक सिलिकॉन चिप है जिसमें लाखों ट्रांजिस्टर होते हैं जो एलएसआई(LSI) और वीएलएसआई(VLSI)तकनीक का उपयोग करके डिजाइन किया गया था। इस पीढ़ी के कंप्यूटर की अवधि 1971 -1980 तक थी।  चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर अधिक शक्तिशाली, कॉम्पैक्ट, विश्वसनीय और सस्ते  हो गए।

परिणामस्वरूप, इसने पर्सनल कंप्यूटर (P C) क्रांति को जन्म दिया। इस पीढ़ी में, समय साझा करने, वास्तविक समय नेटवर्क, वितरित ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया गया था। इस पीढ़ी  में, सभी उच्च स्तरीय भाषाओं जैसे C, C ++, DBASE आदि का उपयोग किया गया था।इस  समय के  कंप्यूटर बहुत  छोटे थे।

इस पीढ़ी के कंप्यूटर नेटवर्क के क्षेत्र में शानदार घटनाक्रम था।इस पीढ़ी के कंप्यूटर से इंटरनेट का कॉन्सेप्ट पेश किया गया था।इस पीढ़ी के कंप्यूटर MOUSE का इस्तेमाल हुआ।इस पीढ़ी के कंप्यूटर में डाटा को सुरक्षित रखने के लिए  सेमि कंडक्टर का प्रयोग होने लगा इस पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर के नाम Star 1000 ,PDP 11 ,CRAY -1 

5th generation of computer in hindi

5th generation of computer in hindi

इस पीढ़ी की अवधि 1980-आज तक है। इस पीढ़ी कंप्यूटर  मे , वीएलएसआई(VLSI) तकनीक ULSI (अल्ट्रा लार्ज स्केल इंटीग्रेशन) तकनीक से बनाया गया है। 

 इस पीढ़ी में इस्तेमाल होने के परिणामस्वरूप माइक्रोप्रोसेसर चिप्स के उत्पादन में दस मिलियन इलेक्ट्रॉनिक घटक है।यह पीढ़ी के समानांतर प्रसंस्करण हार्डवेयर और AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) सॉफ्टवेयर पर आधारित है। कंप्यूटर विज्ञान में AI एक उभरती हुई शाखा है, जो कंप्यूटर को इंसान की तरह बनाने के माध्यम और तरीके की व्याख्या करता है।

इस पीढ़ी में सभी उच्च स्तरीय भाषाओं जैसे C और C ++, Java, .Net आदि का उपयोग किया जाता है।पांचवीं पीढ़ी शब्द का उद्देश्य मौजूदा मशीनों से परे छलांग के रूप में प्रणाली को व्यक्त करना था।

कंप्यूटिंग हार्डवेयर के इतिहास में, वैक्यूम ट्यूबों का उपयोग करने वाले कंप्यूटरों को पहली पीढ़ी कहा जाता था। ट्रांजिस्टर और डायोड से बने कंप्यूटर को दूसरा पीढ़ी कहा गया।एकीकृत सर्किट से बने कंप्यूटर को तीसरा कहा गया।और माइक्रोप्रोसेसरों का उपयोग करने वाले कंप्यूटर को चौथा पीढ़ी का कहा गया।पिछली कंप्यूटर के पीढ़ियों ने एक एकल सीपीयू में तर्क तत्वों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया था।

पांचवीं पीढ़ी का कंप्यूटर सिस्टम (एफजीसीएस) जापान के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और उद्योग मंत्रालय (एमआईटीआई) द्वारा एक पहल थी, जो 1982 में शुरू हुई थी, जिसमें कंप्यूटर को व्यापक रूप से समानांतर कंप्यूटिंग और लॉजिक प्रोग्रामिंग का उपयोग करके बनाया गया था।

यह 1980 के दशक के दौरान जापान में एक बड़े पैमाने पर सरकारी / उद्योग अनुसंधान परियोजना का परिणाम होना था। इसका उद्देश्य सुपर कंप्यूटर जैसी प्रदर्शन के साथ “युग-निर्माण कंप्यूटर” बनाना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में भविष्य के विकास के लिए एक मंच प्रदान करना है।   

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