IP Address in hindi । Computer Notes in Hindi

IP (Internet Protocol)इंटरनेट  प्रोटोकॉल 

इस पोस्ट मे इंटरनेट प्रोटोकॉल के बारे मे जानते है।आप सभी का हार्दिक स्वागत है ,मेरे इस वेबसाइट जिसका नाम gyantech है। 

इंटरनेट एक ऐसी दुनिया है जिसमें हम बिना कही गए अपने लैपटॉप या कंप्यूटर , मोबाइल के माध्यम से हजारो किलोमीटर दूर बैठे अपने किसी दोस्त साथी परिवार के सदस्य या फिर किसी अनजान से हम बात कर सकते है  वीडियो कॉल कर सकते है ,फोटो भेज सकते है या प्राप्त कर सकते है वो भी मात्र कुछ ही सेकण्ड्स मे , वास्तव मे , ये सब इंटरनेट के माधयम से ही संभव हो पाया हैं। अब इंटरनेट के ये सब आपसी लिंक और डाटा का आपस मे  साझेदारी इसके लिए बहुत से ऐसी इंटरनेट टूल  होती है जिनमे से ही एक इंटरनेट प्रोटोकॉल भी होती  है।  आज हम लोग इस पोस्ट मे  इंटरनेट प्रोटोकॉल के बारे मे बात करते है।  
 
 
इंटरनेट प्रोटोकॉल एक संख्यात्मक(numerical) नाम है, जो इंटरनेट  नेटवर्क से जुड़े सभी यंत्र  को मिलता है। वो यंत्र कंप्यूटर या मोबाइल टेबलेट भी हो सकता है। 
इंटरनेट प्रोटोकॉल का उपयोग आपस मे संचार के लिए होता है। प्रत्येक यंत्र का अपना अलग अलग इंटरनेट प्रोटोकॉल होता है। इंटरनेट की दुनिया मे  इंटरनेट  प्रोटोकॉल ही आपके या मेरे यंत्र का नाम होता है या हम ये कहे की इंटरनेट  प्रोटोकॉल से ही हमारा यंत्र इंटरनेट की दुनिया मे  जाना जाता है। 
 हम लोग इसे  आसान भाषा में (IP) भी कहते है।  इटरनेट प्रोटोकॉल  32 bit के  binary digit से बनता है। जो की इस प्रकार 10011 0011101000001100 होता है अब इस अड्रेस को याद रखने में कठिनाई होती इस लिए ऐसे 4 भाग मे दशमलव लगा कर अलग कर दिया जाता है। इसके हर भाग मे 0 से लेकर 255 अंक  तक की संख्या हो  सकती  है।  
जैसे 192.168.255.0 ,  32 bit  के (Binary digit)होने के कारण यह धिरे धिरे सिमित  होता गया। अब नया 128 bit का इटरनेट प्रोटोकॉल को विकसित कर  लिया गया है।  जिसे हम IPV6  कहते है।  इंटरनेट प्रोटोकॉल के आज Two (versions) संस्करण इंटरनेट पर आम प्रयोग में है। (IPv4) पहली बार 1983 में ARPANET में तैनात किया गया था।  1990 के दशक तक इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और अंतिम-उपयोगकर्ता संगठनों को असाइनमेंट के लिए उपलब्ध IPv4 एड्रेस  की कमी महसूस होने लगी। इंजीनियरिंग टास्क फोर्स (IETF) को इंटरनेट पर एड्रेसिंग क्षमता का विस्तार करने के लिए नई तकनीकों का पता लगाने के लिए प्रेरित किया। परिणाम 1995 में इंटरनेट प्रोटोकॉल संस्करण 6 (IPv6) के रूप में जाना जाने वाला इंटरनेट प्रोटोकॉल का एक नया स्वरूप था 2000 के दशक के मध्य तक IPv6 तकनीक विभिन्न परीक्षण चरणों में थी तब जाकर इसका  वाणिज्यिक उत्पादन की तैनाती शुरू हुई। आज, इंटरनेट प्रोटोकॉल के ये दो संस्करण एक साथ उपयोग में हैं।  

Public IP Address 

जिसे हम  Private IP addresses के रूप मे प्रयोग नहीं कर सकते ।  यह  internet service provider से मिलता है। Public IP address  सीधे रूप से इंटरनेट से जुड़ा रहता है। जैस  वेबसाइट ,डंस(DNS) सर्वर ,ब्रॉडबैंड के साथ अन्य कंप्यूटर। 
 

Private IP Address

जब दो या दो से अधिक यंत्र एक ही केबल से या एक ही माधयम  से जुड़े रहते है वह जो नेटवर्क बनता है उसे Private IP addresses कहते है। 
 
 
 
इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको  IP Address in hindi IP Address ,Internet Protocol in hindi   से  जुडी जानकारी प्राप्त करवाया है और भी कुछ अगर जानना हो तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट कर पूछ सकते है और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आया हो तो कृपया करके फॉलो और शेयर करे।

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