Koo App माइक्रोब्लॉगिंग साइट (मेड इन इंडिया )

आज के मेरे पोस्ट का विषय भारतीय मेक इन इंडिया के तहत बने सोशल माइक्रोब्लॉगिंग साइट के बारे में है।उम्मीद करता हु आप सभी को मेरा यह पोस्ट पसंद आएगा। मेरे वेबसाइट जिसका नाम gyantech है पर आप सभी का में हार्दिक अभिनंदन करता हु।   

आज इस पोस्ट के माध्यम से  Koo” ऐप पर बात करते है। आजकल ये  Koo” ऐप चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ जिसमे वो इस “Koo” ऐप की चर्चा कर चुके है।आज के समय में इस Koo” ऐप की लोकप्रियता इतनी ज़्यदा है की भारत के बड़े बड़े लोग इसको डाउनलोड कर रहे है। अपना अकाउंट बना रहे है। 

KOO APP PHOTO  : BY PLAY STORE 


Koo” ऐप एक माइक्रोब्लॉगिंग साइट है जिसे इंडियन ट्विटर कहा जा रहा है।साफ़ और आसान  शब्दों में कहें तो  Koo” ऐप  मेड इन इंडिया ट्विटर है। Koo” ऐप  में हिंदी, अंग्रेजी समेत आठ भारतीय लोकल भाषाओं में आप इस्तेमाल कर सकते है ।Koo” को एक ऐप और वेबसाइट दोनों ही  तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका भी इंटरफेस ट्विटर जैसा ही है। इसमें शब्दों की सीमा 350 तक और एक मिनट तक का वीडियो भी  शेयर कर सकते हैं। 



पिछले कुछ दिनों से ख़बरों में ऐसा कहा जा रहा है की ट्विटर और भारत सरकार के बीच टकराव चल रहा है। कुछ दिन पहले ही ट्विटर इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर (इंडिया एवं साउथ एशिया) महिमा कौल ने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया।बीते आखिरी सप्ताह ही भारत सरकार ने ट्विटर से नियमों को तोड़ने को लेकर जवाब मांगा था। सप्ताह के अंत तक महिमा कौल ने इस्तीफा दे दिया था।भारत सरकार ने किसान आंदोलन के बारे में दुष्प्रचार और भड़काऊ बातें फैला रहे ACCOUNT और HASTAG के खिलाफ कार्रवाई करने में देरी करने कारण बुधवार को ट्विटर से नाराजगी जाहिर की है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ़ किया कि कंपनी के अपने भले ही कोई भी अलग नियम हों, लेकिन उसे देश के कानूनों का पालन करना ही चाहिए। 

एक रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले 7 दिनों में Koo App के डाउनलोड की संख्या कई गुना तक बढ़ गई है। Koo App को सभी प्लेटफॉर्म्स से 30 लाख तक डाउनलोड किया जा चुका है। लेकिन गूगल प्ले स्टोर पर डाउनलोड की संख्या 10 लाख से अधिक दिख रहा है। 

इस Koo App में भी चीनी निवेश है।जिसकी जानकारी कंपनी के फाउंडर राधाकृष्ण ने ही एक इंटरव्यू में दी है।

उनका कहना है कि Koo App में चीनी स्टेक होल्डर शुनवेई कैपिटल है, जिसका निवेश बहुत छोटा सा है। उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि शुनवेई कैपिटल की हिस्सेदारी खरीदी जा सकती है। ट्विटर के माध्यम से उन्होंने बताया कि शुनवेई कैपिटल, जो की इस ऐप में निवेश किया था।  और वो जल्द ही इससे बाहर हो जाएगी।इस ऐप में 3one4 कैपिटल (पूर्व इंफोसिस बोर्ड मेंबर मोहनदास पई की कंपनी) से भी फंडिंग मिल चुकी है।इसके अलवा  KOO को ऐक्सेल पार्ट्नर्ज, कालारी कैपिटल, ब्लूम वेंचर्ज और ड्रीम इंक्युबेटर से भी फंडिंग मिल चुकी है। कू के सह-संस्थापक और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण हैं। 

इस पोस्ट के माध्यम से Koo App के विषय में जानकारी प्रदान किया उम्मीद करता हु की ,आपको ये पोस्ट जरूर पसंद आया होगा।अगर ये पोस्ट पसंद आये तो कृपया🙏 करके शेयर करे।   

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