Transformer kya hota hai । how many types of transformers । ट्रांसफार्मर के प्रकार

Transformer kya hota hai – नमस्ते दोस्तों , आप सभी के मन में भी ये सवाल होता होगा Types Of Transformers  ये कितने तरह के होते है । यह एक ऐसा सवाल है जो की लगभग बहुत से इंटरव्यू में पूछा जाता है ।

सभी लोग अपने घरो के आस पास लगे ट्रांसफार्मर्स को देखते होंगे । बहुत से लोग ये बात जानते भी होंगे की ट्रांसफार्मर्स / Types Of Transformers /Transformer Kya Hota Haiकितने तरह के होते है । बहुत से अभी भी लोग ऐसे है जिनको नहीं मालूम , उन सभी लोगो को मेरा ये पोस्ट बहुत मदद करेगा ।

सबसे पहले हम ये जाने की ट्रांसफार्मर होता क्या है ? और ये किस तरह कार्य करता है । इसके साथ ही ये जाने की इसका अविष्कार कब हुआ था । तो चलिए मेरे इस पोस्ट पर आपको सम्पूर्ण जानकरी मिलेगी ।

Transformer Kya Hota Hai & what is transformer in hindi

ट्रांसफार्मर एक ऐसा बिजली से चलने वाला यंत्र है जो की बिना ऊर्जा को कम किये प्रत्यावर्ती वोल्टेज को कम या ज्यादा कर सकता है । ट्रांसफार्मर जो की धारा की आवर्ती बिना बदले ही वोल्टेज को कम ज्यादा करता है । ट्रांसफार्मर जिसका अविष्कार Michael faraday और जोसेफ हेनरी ने किया इसे वर्ष 1831 में सबसे पहले इसके कांसेप्ट को दुनिया के सामने रखे थे ।यह एक स्थिर यन्त्र होता है क्योंकि इसमें कोई भी moving part नही होता है । ट्रांसफार्मर मूल रूप से एक वोल्टेज नियंत्रण उपकरण है जिसका उपयोग व्यापक रूप से प्रत्यावर्ती धारा शक्ति के वितरण और संचरण में किया जाता है।

Working Principle of a Transformer-Transformer working principle in hindi

Transformer kya hota hai
Transformer kya hota hai

ट्रांसफॉर्मर फैराडे के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन और आपसी इंडक्शन के नियम के सिद्धांत पर काम करता है।

ट्रांसफार्मर के कोर पर आमतौर पर दो कॉइल प्राइमरी कॉइल और सेकेंडरी कॉइल होते हैं। कोर लेमिनेशन स्ट्रिप्स के रूप में जुड़े हुए होते हैं। दो कॉइल में उच्च पारस्परिक अधिष्ठापन होता है। जब एक प्रत्यावर्ती धारा प्राथमिक कुंडल से गुजरती है तो यह एक भिन्न चुंबकीय प्रवाह बनाता है। फैराडे के विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, चुंबकीय प्रवाह में यह परिवर्तन द्वितीयक कुंडल में एक ईएमएफ (इलेक्ट्रोमोटिव बल) को प्रेरित करता है जो एक प्राथमिक कुंडल वाले कोर से जुड़ा हुआ होता है।

एक ट्रांसफॉर्मर निम्नलिखित कार्य करता है

एक सर्किट से दूसरे सर्किट में विद्युत ऊर्जा का स्थानांतरण करता है ।

दो सर्किट जो आपसी प्रेरण से जुड़े हुए हैं ।

विद्युत के आवृत्ति में किसी भी बदलाव के किये बिना विद्युत शक्ति हस्तांतरण करता है ।

विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के माध्यम से विद्युत शक्ति का स्थानांतरण करता है ।

ट्रांसफार्मर के भाग Transformer Kya Hota Hai

ट्रांसफार्मर के भाग जो की निचे की तरफ वर्णित है ।

ट्रांसफार्मर की Core- कोर ट्रांसफार्मर के बीच में होती है । Core- laminated steel plates से बनी होती है । कोर की पट्टी की तरह होती है , इनके बीच मिनिमम एयर गैप होता है ।

Winding- Winding जो की एक तरह के तारों के फेरे होते है । single phase ट्रांसफार्मर में दो winding होती है । जो की एक primary winding और दूसरी secondary winding  होती है ।  three phase transformer- में तीन primary winding और तीन secondary winding  होती है । ये सभी insulated लेयर की मदद से एक दूसरे से आपस में जुड़े हुए रहते है ।

ट्रांसफार्मर  का Conservator टैंक – Conservator tank जो की high power ट्रांसफार्मर में use होते है । इसमें ट्रांफॉर्मर के गर्म तेल ठंडा होकर वापस ट्रांसफॉर्मर में जाता है । ये ट्रांसफार्मर के ऊपरी भाग पर लगे हुए होते है ।

ट्रांसफार्मर में ब्रेअथेर – यह Conservator tank से ही जुड़ा हुआ रहता है यह ट्रांसफार्मर की breathing साँस लेने के काम में आता है । इसके माध्यम से ट्रांसफार्मर के अन्दर और बाहर हवा आती जाती है ।

ट्रांसफार्मर के वाल्वस – valves के मदद से ही transformer- oil डाला जाता है । valve की मदद से ही बाहर निकाला जाता है ।

ट्रांसफार्मर  का Steel tank- steel tank जो की ट्रांसफार्मर का एक अहम हिस्सा होता है।सब कुछ जैसे की कोर & Winding इसी के अन्दर होता है । Steel-tank जो की ट्रांसफार्मर oil से भरा हुआ होता है । यह बेलनाकार या घनाकार आकर का होता है ।

ट्रांसफार्मर की Cooling Tube– यह जो की एक रेडियेटर की तरह काम करता है । इसका मुख्य कार्य oil को ठंडा कर देना होता है ।

तापमापी– इसका मुख्य कार्य ट्रांसफार्मर oil और winding का तापमान को मापना होता है । अधिक होने पर अलार्म का देना होता है ।

Types of Transformer Types of transformer in hindi

बहुत से लोग जिनसे अगर पूछा जाये की Transformer kitne prakar ka hota hai तो वे बहुत ही आसान शब्द में कह देंगे की 2 प्रकार के 1- स्टेप उप ट्रांसफार्मर 2- स्टेप डाउन ट्रांसफार्मर , लेकिन ये जबाब सही नहीं है ।

Auto-transformers -यह एक विद्युत ट्रांसफार्मर होता है जिसमें केवल और केवल एक ही वाइंडिंग होती है, एक ही भाग जो की प्राथमिक और द्वितीयक वाइंडिंग दोनों के लिए ही सामान्य होता है।

ऑटोट्रांसफॉर्मर का मुख्य उपयोग ज्यादातर स्थानीय बिजली लाइन के वोल्टेज रूपांतरण के लिए कुछ विशेष विद्युत उपकरणों के लिए आवश्यक वांछित वोल्टेज मान में किया जाता है। रूपांतरण 125 वोल्ट – 250 वोल्ट या 250-125 वोल्ट . तक की ही सीमा होती है ।

यह ट्रांसफार्मर में सामान्य वाइंडिंग का उपयोग होता है । यह एक टैप वाइंडिंग ट्रांसफार्मर होता है जो की स्थानीय रूप से उपलब्ध वोल्टेज को एक विशेष लोड के अनुसार उसके लिए आवश्यक वोल्टेज में बदल सकता है।

Polyphase transformers-Transformer Kya Hota Hai

Types of transformer in hindi
Types of transformer in hindi

जब हमें बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन की आवश्यकता होती है, तो आमतौर पर 3-चरण ट्रांसफार्मर का उपयोग किया जाता है। 110V, 132V, 400V, 75kV, 3-चरण ट्रांसफार्मर जैसे उच्च वोल्टेज के लिए उत्पन्न वोल्टेज को ट्रांसमिशन लाइन के लिए स्टेप-अप करने के लिए उपयोग किया जाता है। जब हम 3 सिंगल फेज ट्रांसफॉर्मर को उनके कोर के साथ एक सिंगल कोर असेंबली में जोड़ते हैं, तो 3-फेज ट्रांसफॉर्मर नेटवर्क की एक यूनिट बनती है। सिंगल फेज ट्रांसफॉर्मर की तुलना में 3-फेज ट्रांसफॉर्मर के कई फायदे भी होते हैं । जैसे कि वे आकार में कम होते हैं, और उनमे कम तेल की आवश्यकता होती है, कम ट्रांसफॉर्मर bushings-की आवश्यकता होती है, यह कम जगह घेरती है, लागत में बचत होती है और अधिक कुशल भी होती है। सिंगल फेज ट्रांसफॉर्मर की तरह ही थ्री फेज ट्रांसफॉर्मर भी दो तरह का होता है । core type and shell type Polyphase Transforms

Leakage transformers-Transformer Kya Hota Hai

Types of transformer in hindi
Types of transformer in hindi

Leakage transformers का उपयोग अतिरिक्त कम वोल्टेज वाले जगह में भी किया जाता है और जहां शॉर्ट सर्किट की स्थिति अपेक्षित होती है। शॉर्ट सर्किट की स्थिति में भारी धाराओं का सामना करने के लिए लीकेज ट्रांसफार्मर की प्राथमिक और माध्यमिक वाइंडिंग पर्याप्त रूप से आकार में हैं। लीकेज ट्रांसफॉर्मर को स्ट्रे फील्ड ट्रांसफॉर्मर के रूप में भी जाना जाता है।

Resonant transformers– Types of transformer in hindi

यह एक तरह का लीकेज ट्रांसफॉर्मर है, सेकेंडरी वाइंडिंग के लीकेज इंडक्शन का इस्तेमाल बाहरी कैपेसिटर के संयोजन में किया जाता है ताकि यह एक या एक से अधिक रेजोनेंट सर्किट बना सके। टेस्ला कॉइल एक गुंजयमान ट्रांसफार्मर है जो बहुत अधिक वोल्टेज का उत्पादन करने में सक्षम है और यह इलेक्ट्रोस्टैटिक उच्च वोल्टेज उत्पादन मशीनों की तुलना में उच्च धारा का उत्पादन करने में सक्षम है।

इसका उपयोग सीसीएफएल इन्वर्टर के लिए किया जा सकता है। यह एक हेटेरोडाइन रिसीवर के चरणों के बीच जोड़ा जा सकता है ।

Audio transformers– Types of transformer in hindi

Types of transformer in hindi
Types of transformer in hindi

इसका उपयोग ऑडियो सर्किट में किया जाता है और यह रेडियो फ्रीक्वेंसी इंटरफेरेंस या ऑडियो सिग्नल के डीसी घटक को ब्लॉक कर सकता है। यह उच्च और निम्न प्रतिबाधा सर्किट के बीच प्रतिबाधा मिलान प्रदान कर सकता है। यह एक चुंबकीय उपकरण है इसलिए यह बाहरी चुंबकीय क्षेत्रों के लिए अतिसंवेदनशील है। यह ऑडियो संकेतों को विभाजित या संयोजित कर सकता है, यह एक उच्च प्रतिबाधा साधन आउटपुट और एक मिश्रण कंसोल के कम प्रतिबाधा इनपुट के बीच प्रतिबाधा मिलान कर सकता है।

Instrument transformer– Types of transformer in hindi

इसका उपयोग विद्युत शक्ति प्रणाली में वर्तमान और वोल्टेज को मापने और बिजली प्रणाली के संरक्षण और नियंत्रण के लिए किया जाता है।

उपकरण ट्रांसफार्मर में अधिभार पर अनुमानित विशेषताएं होती हैं, वोल्टेज या करंट किसी उपकरण द्वारा आसानी से उपयोग किए जाने के लिए बहुत बड़ा होता है, इसलिए इसे एक मानकीकृत कम मूल्य तक बढ़ाया जा सकता है ।

Oil cooled transformer -Types of transformer in hindi

बिजली वितरण या विद्युत सबस्टेशन में बड़े ट्रांसफार्मर का उपयोग किया जाता है और इसके कोर और कॉइल को तेल में डुबोया जाता है जो शीतलन के लिए किया जाता है। तेल कॉइल में डक्ट के माध्यम से और कॉइल और कोर असेंबली के आसपास प्रसारित होगा। तेल को टैंक के बाहर छोटी रेटिंग में ठंडा किया जाता है और बड़ी रेटिंग के लिए एयर कूल्ड रेडिएटर का उपयोग किया जाता है। यदि ट्रांसफार्मर का उपयोग भूमिगत या किसी भवन में किया जाता है। तेल पंपों का उपयोग तेल को प्रसारित करने के लिए किया जाता है।

Pulse transformer– Types of transformer in hindi

इसका उपयोग आयताकार विद्युत दालों को प्रसारित करने के लिए किया जा सकता है ।इसका उपयोग डिजिटल तर्क और दूरसंचार सर्किट में किया जाता है ।इसका उपयोग लॉजिक ड्राइवरों को ट्रांसमिशन लाइनों से मिलाने के लिए किया जाता है ।इसका उपयोग रडार में उच्च शक्ति वाली दालें उत्पन्न करने के लिए किया जाता है

Isolation transformer– Types of transformer in hindi

वोल्टेज को उच्च स्तर से निम्न वोल्टेज में बदलने के लिए अधिकतर विद्युत ट्रांसफार्मर का उपयोग किया जाता है। शॉर्ट सर्किट करंट को कम करने के लिए विद्युत सर्किट के प्रतिबाधा को बदलने के लिए ट्रांसफॉर्मर का भी उपयोग किया जा सकता है । इसका उपयोग विद्युत संकेतों के कारण होने वाले खतरे से बचाने के लिए किया जा सकता है । यह एक सर्किट से दूसरे सर्किट से डीसी सिग्नल को ब्लॉक कर सकता है । यह ग्राउंड लूप के कारण होने वाले व्यवधान को रोक सकता है ।

Current transformer– Types of transformer in hindi

यह एक माप उपकरण है जिसे इसके द्वितीयक कॉइल में करंट प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो इसके प्राइमरी में बहने वाले करंट के समानुपाती होता है। ये ट्रांसफार्मर आमतौर पर मीटरिंग और सुरक्षात्मक रिलेइंग में उपयोग किए जाते हैं। ट्रांसफार्मर उच्च वोल्टेज से माप और नियंत्रण सर्किटरी को सुरक्षित रूप से अलग करते हैं । इसका उपयोग नियंत्रण सर्किट के लिए और उच्च वर्तमान बिजली अनुप्रयोगों में इंस्ट्रूमेंटेशन के लिए किया जाता है ।इसका उपयोग तीन चरण बिजली प्रणाली पर एकल चरण का पता लगाने के लिए किया जा सकता है । यह सुरक्षा सुरक्षा और वर्तमान सीमित करता है ।

Voltage transformer – Types of transformer in hindi

इन ट्रांसफार्मर का उपयोग उच्च वोल्टेज सर्किट में मीटरिंग और सुरक्षा के लिए किया जा सकता है, यह एक अन्य प्रकार का उपकरण ट्रांसफार्मर है। यह माप सर्किट प्रतिबाधा की एक सीमा पर परिमाण और चरण दोनों में एक सटीक परिवर्तन अनुपात के लिए डिज़ाइन किया गया है, इसे मापी जा रही आपूर्ति के लिए एक नगण्य भार प्रस्तुत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Potential transformer– Types of transformer in hindi

ये ट्रांसफार्मर एक सर्किट के वोल्टेज को कम मूल्य पर ले जाते हैं जो कि एमीटर, वोल्टमीटर, वाट मीटर और रिले जैसे उपकरणों के संचालन के लिए प्रभावी और सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सकता है।

इसे बिजली मीटरिंग अनुप्रयोगों में सिंगल-फेज और थ्री-फेज पावर लाइन वोल्टेज की निगरानी के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह एक विशेष प्रकार का ट्रांसफार्मर है जो मीटर को सामान्य रूप से संभालने में सक्षम मीटर से अधिक वोल्टेज वाले विद्युत सेवा कनेक्शन से रीडिंग लेने की अनुमति देता है। इसका उपयोग सबस्टेशन में सेवा के लिए किया जाता है । वोल्टेज और करंट और उनके द्वारा प्रदान किए जाने वाले विद्युत अलगाव की क्षमता के कारण इनका उपयोग विद्युत उपकरण प्रणाली में किया जाता है ।

आज के पोस्ट में मैंने आपको ट्रांसफार्मर और उससे जुडी तमाम जानकरी देने का प्रयास किया । उम्मीद है आपको पोस्ट पसंद आएगा । पोस्ट पसंद आने पर शेयर जरूर करे ।

read more on gyantech

How Many Types Of Motor In Hindi । मोटर कितने प्रकार की होती है

Invention Of Electricity In Hindi

Invention Of Sewing & Embroidery Machines । सिलाई मशीन

Invention Of BULB In Hindi । बल्ब का अविष्कार

Types Of DC Motor In Hindi । डीसी मोटर हिंदी

What Is CT PT Transformer In Hindi । CT और PT क्या है

What Is Motor Starter In Hindi । मोटर स्टार्टर क्या है

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *