जिसको  हिंदीं में पिताया (Pitaya) कहा जाता है।पहले इसकी खेती केवल अमेरिका और दक्षिण एशिया में की जाती थी।

आज कल के समय में Pitaya की खेती अधिक होने लगी  है क्योंकि  यह ना तो कुछ खास पूंजी निवेश मांगता हैऔर ना ही उतनी शरीर से मेंहनत।

सबसे ज़्यदा और आसानी से मिलने वाला पिताया फल लाल रंग का होता है। लाल रंग के पितया की खेती भारत में हो रही है।

ड्रैगन फ्रूट में अनेक विटामिन और  antioxidants के गुण होते है जो थाइरोइड के लिए बेहत ही कारगर होते है , इसके इस्तेमाल से थाइरोइड ग्रंथि का संतुलन बना रहता है

ड्रैगन फ्रूट में सुगर , कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, आहार फाइबर और सोडियम पर्याप्त मात्रा में होता है, जो की एक गर्भवती महिलाओं के लिए स्वस्थ माना जाता है।