ग्रीन टी जो की एक प्रकार की चाय ही होती है, ग्रीन टी कैमेलिया साइनेन्सिस नामक पौधे के पत्तियों से बनायी जाती है।

ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन इन रेडिकल को एकत्र होने से रोकता है। वहीं पैलीफेनोल शरीर में नई कोशिकाएं बनाता है

ग्रीन टी के इस्तेमाल  करने  से टाइप टू  डाइबिटीज के रोगियों को बहुत लाभ मिलता है। इसमें मौजूद पैलीफेनाल से  ब्लड शुगर का स्तर कम रहता हैं।

दरअसल ग्रीन टी की पत्तियों में ऐसे कई बायोएक्टिव तत्व पाए  जाते हैं जो शरीर में वसा को जलाने वाले हारमोंस को बढ़ावा देते हैं।

इसमें मौजूद अमीनो एसिड होता है जो मानसिक तनाव को कम करने वाले हारमोन के स्रावण में मदद करता है।

एक दिन में एक  व्यक्ति अधिक से  अधिक 3 कप तक  ही ग्रीन टी पीनी चाहिए ।

अधिक   ग्रीन टी का  इस्तेमाल   करने पर  शरीर में  पानी की कमी  की समस्या हो  सकती है।