लहसून जो कि प्याज के ही प्रजाति का होता है।

इसमें काफी तीखा गंध होता है ,इसके गंध के कारण ही य़ह औषधि के रूप मे भी इसका इस्तेमाल होता है।

इसका वैज्ञानिक नाम अलीयम सॅटीवेम (Allium sativem) होता है।इसका  संस्कृत नाम  लशुन

सुबह सुबह खाली पेट इसके सेवन करने पर लहसुन के गुण बढ़ जाते है। लहसुन जो की डायरिया के इलाज के लिए कारगर होता है।

यह केवल रक्‍त परिसंचरण को नियंत्रित करने के साथ ही विभिन्न प्रकार की हृदय संबंधी समस्याओं से भी बचाता है।

आज के समय मे लहसून का उपयोग लगभग सभी घरों के खाने मे होता है। लहसून जो कि प्याज के ही प्रजाति का होता है।

दुनियाभर में  लगभग सभी जगह लहसुन का उपयोग मसाले, चटनी, सॉस, अचार तथा दवाओ मे किया जाता है।

लहसुन जिसमे की एंटी फंगल, एंटी बैक्टेरिया तत्त्व होते है । इसे हम इस्तेमाल करके छोटे मोटे बीमारियों को दूर कर सकते है ।