What is relay in Hindi 2021

आज के अपने इस पोस्ट में what is relay in hindi- के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे । किसी भी सर्किट में रिले के इस्तेमाल होते आपने भी देखा होगा । अगर आपको भी रिले के बारे में जानना है , जैसे ये कितने प्रकार के होते है , रिले होता क्या है , इत्यादि तो मेरे इस पोस्ट को पूरा पढ़े , आपको पूरी जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से मिल जाएगी ।

What is RELAY in electrical – WHAT IS RELAY IN HINDI

what is relay in Hindi

Relay- जो की एक स्विच होता है , जो पहले से तय पावर सप्लाई पर स्वय ही ऑन होता है , सप्लाई के न मिलने पर स्वय ही ऑफ हो जाता है । स्विच और रिले में अंतर होता है , स्विच को हमलोग खुद से अपने जरूरत के हिसाब से ऑन और ऑफ करते है , लेकिन रिले में उचित सप्लाई मिलने पर रिले खुद से ही ऑन और ऑफ कर लेता है ।

स्विच को जब हम खुद जा कर ऑन करते है , तब ही वो सप्लाई को ऑन करता है और स्विच को बंद करने के लिए भी हमें खुद उसके पास जाना होता है ।

What is Use OF Relay in electrical Device

रिले का इस्तेमाल आटोमेटिक तौर पर कार्य करने वाले इलेक्ट्रिकल उपकरणों में किया जाता है । जिनमे मुख्य रूप स्टेब्लिज़ेर , इन्वेर्टर ,और यूपीएस होते है , क्योकि ये सभी डिवाइस आटोमेटिक तौर पर कार्य करते है , इस सभी डिवाइस में रिले का इस्तेमाल होता है , बिना रिले के ये कार्य नहीं कर सकते है , या कार्य गुणवक्ता में कमी आ जाएगी । लेकिन ऐसा भी जरुरी नहीं है की सभी तरह के इलक्ट्रोनिक डिवाइस जो आटोमेटिक तौर पर कार्य करते है , उनमे रिले का इस्तेमाल होता ही हो , इसका सबसे बेहतर उदाहरण है इलेक्ट्रिकल प्रेस , जिसमे किसी भी तरह के रिले का इस्तेमाल नहीं होता है ।

रिले जो की 5 तरह के होते है उनके नाम नीचे दिए गए है –

How Many Group in Relay in Hindi

रिले जो की 2 ग्रुप में कार्य करता है , –

1Input Power Supply Group
2Switch Group

Input Power Supply Group – किसी भी रिले के Coil-से 2 टर्मिनल इसके इनपुट सप्लाई देने के लिए बहार की तरफ निकला हुआ होता है , जिसको हम लोग सप्लाई से कनेक्ट करते है ।

Switch Group – जब भी किसी रिले में पावर दिया जाता है तो रिले का दोलन हिल जाता है , इसके कारण ही रिले ऑन और ऑफ होता है । इस पुरे क्रिया में जितने भी तरह के उपकरण कार्य करते है वो सभी स्विच ग्रुप में आते है । रिले में स्विच का कार्य दोलन ही करता है ।

How Many Type Of Relay in Hindi

what is relay in Hindi
1Passing current
2One-Way Relay
3Two-Way Relay
4Two Poles One Way Relay
5Two Pole Two Way Relay
types of relay in hindi

Passing current – कोई भी रिले के स्विच ग्रुप से अधिकतम कितना करेंट पास हो , इस आधार पर ही रिले विभिन्न अपीयर में बनाया जाता है। किसी भी रिले का पासिंग करंट जितना अधिक होता है , उस रिले का आकर उतना बड़ा होता है , और वो रिले उतना ही महंगा होता है । बड़े एम्पियर वाले रिले को छोटे एम्पियर वाले रिले के जरूरत वाले जगह पर लगाया जा सकता है , लेकिन कभी भी छोटे एम्पियर वाले रिले को बड़े एम्पियर वाले रिले के जगह नहीं लगाया जा सकता है।

One-Way Relay – जिस तरह से कोई भी स्विच One-way होता है , मतलब अगर आपने ऑन किया तो बल्ब को ऑन कर देता है ,ऑफ किया तो बल्ब को ऑफ कर देता है ठीक उसी तरह से One-Way Relay भी होते है।

One Way Relay 1 तरह का कार्य
One Way Relay4 Pin Connection

One-Way रिले में 4 Connection Pin होते है। जिनमे 2 pin पावर सप्लाई के लिए और 2 पिन स्विचिंग के लिए इस्तेमाल होते है ।

Two-Way Relay – किसी भी एक रिले से 2 तरह का कार्य करने के इस तरह का रिले को इस्तेमाल किया जाता जाता है । इस तरह के relay में 5 पिन Connection होते हैं। 2 पिन पावर सप्लाई के लिए होता है , 3 पिन स्विचिंग के लिए यूज़ होता है ।

Two Way Relay 2 तरह का कार्य
Two Way Relay 5 Pin Connection
what is relay in Hindi

Two Poles One Way Relay – इस तरह का रिले का इस्तेमाल 2 स्विच के तरह कार्य करने के लिए होता , लेकिन दोनों कार्य करने के लिए एक ही स्विच का इस्तेमाल हो वो भी बिना किसी आपस के कनेक्शन के , इस तरह के कार्य करने के लिए Two Poles One Way Relay का इस्तेमाल होता है । इस तरह के इस्तेमाल दो अलग अलग कार्य एक ही रिले से करने के लिए होता है ।

Two Poles One Way Relay दो अलग अलग कार्य एक ही रिले
Two Poles One Way Relay 6 Pin Connection
what is relay in Hindi

इस तरह के रिले में 6 पिन होते है , जिसमे 2 पिन पावर सप्लाई के लिए , रेस्ट 4 पिन से 2-2 पिन दोनों pole में switching के लिए होता है।

Two Pole Two Way Relay -इस तरह के रिले का इस्तेमाल Two Poles One Way Relay & Two-Way Relay दोनों तरह के रिले के कार्य को एक साथ करने के लिए होता है । इस तरह के रिले में 8 पिन होते है । जिसमे 2 पिन पावर सप्लाई के लिए होता है । Rest 6 pin में से 3-3 पिन अलग-अलग pole के होते हैं। और दोनों pole में ये 3-3 पिन 2 way switching के लिए होते हैं।

Parts of Relay – WHAT IS RELAY IN HINDI

कोई भी रिले में मुख्य तौर 3 Part- होता है ।

1Coil – कएल
2Core – कोर
3Dolan – दोलन

1 – Coil – कएल

किसी भी रिले में मुख्य भाग कएल ही होता है , ये रिले के अंदर होता है । ये बहार से नहीं दिखाई देता है , किसी भी कएल से 2 पिन कनेक्शन बहार निकले होते है । जिनसे इनपुट सप्लाई दिया जाता है । इनपुट सप्लाई कएल में आते ही magnetic फील्ड बन जाता है , जिस कारण ही रिले का दोलन हिल जाता है , जिस कारण रिले ऑन और ऑफ हो जाता है ।

2 – Core – कोर

किसी भी रिले का कएल उसके कोर पर ही लफेटा जाता है । ये कोर ही किसी भी कएल को जलने से बचता है और साथ ही एक मजबूत मैग्नेटिक फील्ड बनाने में मदद करता है । जब किसी भी रिले को सप्लाई दिया जाता है तो इनपुट सप्लाई कएल में आते ही magnetic फील्ड बन जाता है जो दोलन को अपनी और खींच लेता है । जिस कारण रिले ऑन हो जाता है ।

3- Dolan – दोलन

किसी भी रिले को ऑन और ऑफ करने के लिए दोलन को लगाया जाता है । दोलन magnetic फील्ड हिलने के कारण रिले के पिन आपस में कनेक्ट और डिसकनेक्ट हो जाता है ।

किसी भी रिले को उसके इस्तेमाल के हिसाब से पावर सप्लाई दी जाती है । जैसे की अनेक तरह के कार्य करने करने के लिए अलग अलग वाल्ट की जरूरत होती है । इसलिए उनके जरूरत के वाल्ट के हिसाब से रिले बनाये जाते है । लेकिन साधारण तौर 12 volt  का रिले का ही अधिक इस्तेमाल होता है , किसी भी रिले के volt- की पहचान उसके ऊपर ही लिखी हुआ होता है ।

Few Question and Answer About Relay In Hindi

रिले कितने प्रकार का होता है?

रिले 5 प्रकार के होते है , जिनके बारे में ऊपर विस्तार से बताया गया है । पोस्ट को कृपया पढ़े ।

Time Delay Relay का क्या काम होता है?

किसी भी सर्किट में कुछ समय के बाद उसकी सप्लाई को ऑन और ऑफ करने के लिए इस तरह के रिले का इस्तेमाल किया जाता है ।

आशा करते है आपने ये पोस्ट को पूरा पढ़ा होगा , पोस्ट पसंद आने पर शेयर जरूर करे , पूरी जानकारी पाने के लिए पोस्ट को पूरा पढ़े । इस पोस्ट में बेसिक जानकारी रिले के बारे में दिया गया है ।

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